गोराडीह में बाढ़ का तांडव, दो दर्जन गांव जलमग्न, भागलपुर-गोराडीह मार्ग पर चढ़ा दो फीट पानी
भागलपुर, 08 सितंबर (हि.स.)। गंगा नदी के उफान और लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड में बाढ़ की स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है। प्रखंड के लगभग दो दर्जन गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे हजारों की आबादी प्रभावित है।
बाढ़ के पानी ने क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। भागलपुर-गोराडीह मुख्य मार्ग पर जमसी के समीप सड़क पर करीब दो फीट तक पानी बह रहा है। पानी की तेज धार के कारण इस मार्ग लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो सकता है।
फिलहाल ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पैदल या ऊंचे वाहनों के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं। क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाने से पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो गया है। विद्यालय परिसरों और कक्षाओं में पानी भर जाने के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में छुट्टियां जैसी स्थिति बन गई है। प्रखंड के जमसी, पिपरा, गोवर्धन पुल और मोहनपुर सहित लगभग दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक प्रवेश कर चुका है। स्थिति इतनी विकट है कि लोग अपने घरों के छज्जों और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। किसानों की सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे बड़े नुकसान की आशंका है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे स्थिति पल-पल बिगड़ती जा रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत शिविर लगाने, कम्युनिटी किचन शुरू करने और आवागमन के लिए सरकारी नावों की व्यवस्था करने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर