खेती के साथ मछली पालन किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि का बना विकल्प

 


अररिया 03 नवम्बर(हि.स.)। जिले के किसानों के लिए खेती के साथ मछली पालन आमदनी का एक नया विकल्प बन रहा है और इससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।जिला मत्स्य विभाग के देखरेख में फारबिसगंज,भरगामा,नरपतगंज के ग्रामीण इलाकों बहुतायत मात्रा में मछली का उत्पादन किया जा रहा है।बायो फ्लॉक के साथ ही तालाब का निर्माण कर किसान मछली का उत्पादन सही प्रबंधन, मछली की उपयुक्त प्रजाति और वैज्ञानिक तरीके से कर रहे हैं।मछली पालन करने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है।

भरगामा प्रखंड के मछली पालक किसान राजकुमार गुप्ता,फारबिसगंज के पीयूष मिश्रा ने कहा कि क्षेत्र में मछली की मांग बनी रहती है। किसान योजनाबद्ध तरीके से मछली पालन शुरू करें तो उन्हें आमदनी हो सकती है।उन्होंने बताया कि मछली पालन शुरू करने से पहले तालाब की स्थिति और पानी की गुणवत्ता जांचना जरूरी है। साथ ही, मछली की उपयुक्त प्रजाति चुननी चाहिए।

मछली उत्पादन कर रहे किसानों ने कहा कि मछलियों को समय पर संतुलित आहार देना और तालाब की नियमित देखभाल करना जरूरी है। पानी की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए। लापरवाही से मछलियों की वृद्धि पर असर पड़ सकता है और नुकसान हो सकता है।

जिला मत्स्य पदाधिकारी ने कहा कि किसानों को मत्स्य विभाग के विशेषज्ञों की सलाह लेकर मछली पालन करने चाहिए। इससे मछली की उत्कृष्ट प्रजाति के उत्पादन में बढ़ावा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बन सकते हैं और युवा वर्ग इसे स्वरोजगार के लिए भी अपना सकते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर