दुर्गा पूजा में अग्नि सुरक्षा को लेकर जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने की बैठक, पंडालों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर जोर

 


अररिया 13 अक्टूबर(हि.स.)। दुर्गा पूजा पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना से बचाव के उद्देश्य से जिला अग्निशमन पदाधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक एवं चर्चा की गई। बैठक में दुर्गा पूजा पंडालों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के दौरान जिला अग्निशमन पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार प्रसाद ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए पूजा समितियों एवं संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों को सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

उन्होंने सभी पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने, अग्निशामक यंत्र उपलब्ध रखने तथा उनके सही उपयोग की जानकारी रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, पंडालों में लगे बिजली के तारों, लाइटों, स्विच बोर्ड एवं जनरेटर की नियमित जांच कराने और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की बात कही।

बैठक में पूजा पंडालों की बनावट, सुरक्षा मानकों, प्रवेश एवं निकास द्वारों तथा आसपास की व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करने पर भी बल दिया गया। कहा गया कि पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए पर्याप्त एवं बाधामुक्त रास्ते होने चाहिए। भीड़ अधिक होने की स्थिति में भी व्यवस्था सुचारू बनी रहे तथा किसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में परेशानी न हो, इसके लिए निकास मार्गों को स्पष्ट एवं बाधामुक्त रखना आवश्यक है।

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने अग्निशमन वाहन, एम्बुलेंस एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता खुला रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभाग को तत्काल सूचना दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

बैठक में जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूजा समितियों के साथ समन्वय स्थापित करें तथा अग्नि सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूक करें। सुरक्षा व्यवस्था में यदि कोई कमी दिखाई देती है, तो उसे समय रहते दूर कराने में सहयोग करें। इसके साथ ही, लोगों को आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने, भीड़ को नियंत्रित रखने तथा अग्निशमन विभाग को तुरंत सूचना देने के संबंध में जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर