पर्वों से पहले स्वच्छता अभियान तेज करने का निर्देश, समय सीमा में आकलन पूरा करें अधिकारी
सुपौल, 10 अक्टूबर (हि.स.)। आगामी पर्वों के मद्देनजर जिले में स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत संचालित योजनाओं में तेजी लाने को लेकर शनिवार को समाहरणालय में प्रशिक्षण-सह-समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
विकास आयुक्त इन्द्रवीर कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ‘स्वच्छ सेवा आकलन’ की प्रक्रिया, निर्धारित मानकों के अनुपालन और विभिन्न स्वच्छता योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आकलन कार्य पूरा करने तथा लंबित कार्यों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (एलएसबीए) के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पंचायत सचिव और जीविका के बीपीएम शामिल हुए। इसके अलावा निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), जिला समन्वयक और जिला सलाहकार भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मियों को स्वच्छ सेवा आकलन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। साथ ही विभागीय दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप आकलन कार्य पूरा करने की प्रक्रिया समझाई गई।
बैठक में स्वच्छता अभियान के तहत महादलित टोलों में शौचालय निर्माण की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इसके साथ ही व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) के निर्माण और पात्र लाभुकों को प्रोत्साहन राशि के भुगतान की प्रगति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने और लंबित मामलों का समय पर निष्पादन करने को कहा गया। डीडीसी ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। उन्होंने प्रखंड स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आगामी पर्वों को देखते हुए जिले में विशेष स्वच्छता अभियान की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्वों के दौरान गांवों और पंचायतों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए प्रखंड स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक समन्वय बनाकर काम करने और स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता जताई गई।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, प्रखंड समन्वयकों, पंचायत सचिवों और जीविका के बीपीएम को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही स्वच्छता अभियान से जुड़े लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नियमित समीक्षा करने पर बल दिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ सेवा आकलन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, स्वच्छता योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने और आगामी पर्वों के दौरान जिले में स्वच्छ एवं साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखना रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र