नगर परिषद के गंदे पानी का मार किसानों की खेती पर,स्थायी समाधान के लिए डीएम से लगायेंगे गुहार

 


अररिया, 26 जुलाई(हि.स.)।

नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न नालों का पूरा गंदा पानी किरकिचिया पंचायत के किसानों के सैकड़ों एकड़ खेतों में फैला रहता है। लगातार जलभराव के कारण सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित है,फलस्वरूप किसानों के खेतीबाड़ी पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

गंदे पानी के कारण ग्रामीणों का जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है।जमे पानी से उठते दुर्गंध और बीमारी के कारण बड़ी आबादी प्रभावित है।समस्या के समाधान को लेकर रविवार को वरिष्ठ किसान अनिल ठाकुर की अध्यक्षता में किसानों एवं ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन पूर्व मुखिया शमीम अहमद ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराएगा और जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग करेगा।

बैठक में किसानों ने बताया कि नगर परिषद के नालों का गंदा पानी वर्षों से किरकिचिया पंचायत के विभिन्न इलाकों में जमा हो रहा है। इसके कारण खेतों में फसल की बुआई और उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कई खेत स्थायी रूप से जलमग्न हो चुके हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि जलजमाव के कारण घरों के आसपास गंदगी फैली रहती है। सड़कों पर पानी जमा रहने से आवागमन बाधित होता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है।

पूर्व मुखिया शमीम अहमद ने कहा कि शहर और नगर परिषद क्षेत्र को किरकिचिया पंचायत से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर वर्ष भर जलजमाव बना रहता है। हल्की बारिश होते ही सड़क तालाब का रूप ले लेती है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं।

किसानों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार अनुमंडल पदाधिकारी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, मुख्य पार्षद एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। अधिकारियों की उदासीनता के कारण समस्या लगातार विकराल होती जा रही है।

बैठक में प्रशासन से मांग की गई कि नगर परिषद के नालों के गंदे पानी की समुचित निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए।प्रभावित खेतों को जलजमाव से मुक्त कराया जाए तथा भविष्य में ऐसी समस्या से बचने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो वे जिला प्रशासन के समक्ष चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

बैठक में प्रो.साबिर इदरीश,तारानंद यादव,उद्यानंद यादव,शमीम अहमद,युनुस अंसारी, ग्यानन्द चौहान,कुलानंद यादव,सत्यनारायण यादव,नागेन्द्र यादव,गुड्डू यादव,अनिल कुमार दास समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर