कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा पर लगे आरोप निराधार

 


सुपौल, 08 अप्रैल (हि.स.)। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, लालू नगर, मधेपुरा के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा के विरुद्ध एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को महाविद्यालय परिवार ने पूरी तरह असत्य, निराधार एवं भ्रामक बताया है। विशेष रूप से चरित्र से जुड़े गंभीर आरोपों को मनगढ़ंत एवं दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए कहा गया कि इनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

त्रिवेणीगंज स्थित अनुपलाल महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मियों एवं छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से कहा कि कुलपति प्रो. झा एक सज्जन, विनम्र एवं उच्च आदर्शों वाले शिक्षाविद् हैं, जो सदैव छात्र-हित को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लेते हैं। उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। महाविद्यालय परिवार के सदस्यों का कहना है कि विश्वविद्यालय में चल रहे शैक्षणिक सुधारों और प्रशासनिक पारदर्शिता से कुछ असामाजिक एवं स्वार्थी तत्व असहज हैं। यही कारण है कि वे आधारहीन आरोप लगाकर शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। सदस्यों ने बताया कि जब भी किसी महाविद्यालय या छात्र-छात्राओं से जुड़ा कोई मुद्दा कुलपति के समक्ष आता है, तो वे तत्परता से उसके समाधान के लिए आगे बढ़ते हैं। उनका अब तक का कार्यकाल छात्र कल्याण और शैक्षणिक उन्नति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस मामले में महाविद्यालय के सभी सदस्य एवं छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर कुलपति के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है और इस प्रकार के झूठे एवं दुर्भावनापूर्ण आरोपों की कड़ी निंदा की है। अंत में मीडिया और आमजन से अपील की गई कि बिना सत्यापन के इस तरह की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा शिक्षा जगत की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र