सेवा अवधि विस्तार को लेकर गोलबंद हुए अतिथि शिक्षक

 


भागलपुर, 13 जून (हि.स.)।

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों ने सेवा विस्तार को लेकर प्रदर्शन का रास्ता अपना लिया है।

अप्रैल 2025 में नियुक्त हुए 70 अतिथि शिक्षकों को सेवा अवधि विस्तार नहीं दिया गया है। टीएमबीयू के रवींद्र भवन परिसर में एकजुट हुए अतिथि शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और जल्द मांग पूरी न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की धमकी दी है।

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि सेवा अवधि विस्तार के संबंध में लोकभवन से विश्वविद्यालय को पत्र भेजा जा चुका है, इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं ले रहा है।

शिक्षकों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जब तक उनकी सेवा अवधि विस्तार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की कमी के कारण कई अंगीभूत कॉलेजों और पीजी विभागों में पठन-पाठन कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

अतिथि शिक्षकों ने आरोप लगाया कि मानदेय और सेवा अवधि विस्तार के नाम पर शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन से आग्रह किया कि वे राजनीतिक और पूर्वाग्रही नीति को छोड़कर विद्यार्थियों के हित में निर्णय लें। अतिथि शिक्षकों ने ने बहाली पर लग रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और मगध समेत अन्य विश्वविद्यालयों में भी नियुक्तियों पर सवाल उठे हैं। उनकी नियुक्ति एक स्थायी कुलपति के कार्यकाल में मानक प्रक्रिया के तहत हुई है, जो पूर्व की सभी नियुक्तियों की तुलना में पूरी तरह सही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर