पूर्व सीओ की बेटी स्मृति आनंद ने यूपीएससी में पाई सफलता, 368वीं रैंक लाकर बढ़ाया जिले का मान

 


नवादा, 07 मार्च (हि.स.)। जिले के पकरीबरावां अंचल के पूर्व अंचल अधिकारी नरेन्द्र कुमार की सुपुत्री स्मृति आनंद ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार के साथ-साथ पूरे नवादा जिले का नाम रोशन किया है।

नरेंद्र कुमार सीमावर्ती नालंदा जिले के घोषरावां गांव के निवासी हैं। लेकिन लंबे समय तक नवादा में भी सरकारी सेवा में रहकर बच्चों की पढ़ाई कराई थी । स्मृति आनंद ने यूपीएससी परीक्षा में 368वीं रैंक हासिल कर प्रशासनिक सेवा में अपना स्थान बनाया है। उनकी इस उपलब्धि से नवादा सहित पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और लोग उन्हें बधाई तथा शुभकामनाएं दे रहे हैं।

स्मृति आनंद वर्तमान में लखीसराय में अवर निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित हैं। इससे पहले भी वे अपनी कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा के कारण चर्चा में रही हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त करना उनके परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प का परिणाम माना जा रहा है।

स्मृति आनंद की इस उपलब्धि पर लखीसराय के जिलाधिकारी ने भी उन्हें सम्मानित किया। जिलाधिकारी ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न देकर बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि स्मृति आनंद की मेहनत और समर्पण अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

जानकारी के अनुसार स्मृति आनंद बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अनुशासन और मेहनत के साथ पूरी की और उच्च शिक्षा के दौरान भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रशासनिक सेवा में जाने का उनका सपना लंबे समय से था, जिसे उन्होंने कठोर परिश्रम और निरंतर अध्ययन के बल पर साकार कर दिखाया।

स्मृति आनंद के पिता नरेन्द्र कुमार पकरीबरावां अंचल में अंचल अधिकारी के पद पर रह चुके हैं और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों को ईमानदारी से निभाया था। पिता की कार्यशैली और समाज के प्रति समर्पण से प्रेरित होकर स्मृति आनंद ने भी प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया था।

स्मृति आनंद की सफलता पर नवादा जिले के कई गणमान्य लोगों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों ने उन्हें बधाई दी है। लोगों का कहना है कि जिले की बेटी की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे।

परिवार के सदस्यों ने भी स्मृति आनंद की इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और लगन ने आज उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि स्मृति आनंद ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और निरंतर आगे बढ़ती रहीं।

स्मृति आनंद की इस सफलता से नवादा जिले का गौरव बढ़ा है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि दृढ़ निश्चय, मेहनत और सही दिशा में प्रयास किया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। जिलेवासियों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा जताई है कि वे आगे भी अपनी सेवा और कार्यों से समाज तथा देश का नाम रोशन करेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन