ईपीएफ घोटाले के विरोध में किसान सलाहकारों का आंदोलन शुरू

 




सुपौल, 03 जून (हि.स.)। जिला कृषि कार्यालय परिसर के बाहर बुधवार को बिहार राज्य किसान सलाहकार संघ की जिला इकाई ने कथित ईपीएफ घोटाले के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की।

संघ के पदाधिकारियों और किसान सलाहकारों ने घोटाले में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई तथा गबन की गई राशि वापस कराने की मांग उठाई। जिला अध्यक्ष सचिन कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमन कुमार ने कहा कि ईपीएफ की राशि किसान सलाहकारों की मेहनत और पसीने की कमाई है, इसलिए इसकी एक-एक पाई वापस मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये के इस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता और दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ईपीएफ राशि की फर्जी निकासी, गलत खातों में धन हस्तांतरण तथा बिना सहमति के पैसे निकालने जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं, जिससे किसान सलाहकारों के भविष्य पर संकट उत्पन्न हो गया है। संघ ने पूरे प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) या स्पेशल विजिलेंस से कराने की मांग की।

संघ नेताओं ने कहा कि प्रभावित किसान सलाहकारों की राशि ब्याज सहित 30 दिनों के भीतर उनके खातों में लौटाई जाए। जिला अध्यक्ष सचिन कुमार सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जब तक दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं होती और पीड़ितों की राशि वापस नहीं मिलती, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र