19वें पर्यावरण एवं ऊर्जा सम्मेलन में ऊर्जा मंत्री ने बिहार की ग्रामीण विद्युतीकरण एवं स्वच्छ ऊर्जा पहल को किया रेखांकित
-बंगाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा नई दिल्ली में आयोजित ऊर्जा सम्मेलन में बिहार बना राज्य सहभागी
नई दिल्ली/पटना, 10 सितम्बर (हि.स.)।
बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित 19वें पर्यावरण एवं ऊर्जा सम्मेलन को संबोधित किया। बिहार की ग्रामीण विद्युतीकरण यात्रा” विषय पर संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री ने बिहार के विद्युत क्षेत्र में हुए व्यापक बदलाव तथा ऊर्जा सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में किसी भी देश के लिए अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को सुरक्षित करना आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे सम्मेलन बिहार को विद्युत क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों को साझा करने तथा विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के माध्यम से समावेशी एवं सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को देश और दुनिया के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करते हैं।
मंत्री शैलेश कुमार ने कहा, “बिहार की विद्युत क्षेत्र की यात्रा यह दर्शाती है कि निरंतर निवेश, मजबूत इच्छाशक्ति और प्रभावी नीतियों के माध्यम से व्यापक बदलाव संभव है। कभी बुनियादी विद्युत पहुंच की चुनौतियों से जूझने वाले बिहार ने आज हर घर और हर खेत तक बिजली पहुंचाने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित कर ली है। ऊर्जा सुरक्षा हमारे लिए केवल तकनीकी लक्ष्य नहीं, बल्कि बिहार की विकास यात्रा की मजबूत नींव है। हम निवेशकों और उद्योग जगत के भागीदारों को बिहार की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित करते हैं।”
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण क्षेत्र में व्यापक निवेश किया गया है। राज्य में विद्युत ग्रिड, उपकेंद्रों एवं पारेषण लाइनों के विस्तार के साथ विद्युत आधारभूत संरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। लगभग 9,475 मेगावाट की अधिकतम विद्युत मांग तक पहुंच चुके बिहार में बढ़ती मांग को पूरा करने तथा राज्य के तेज विकास को गति देने के लिए विद्युत आधारभूत संरचना को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने बिहार में सौर ऊर्जा एवं स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। राज्य की पहल के तहत 2.5 लाख गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को 1 किलोवाट क्षमता के छत पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र से आच्छादित करने का कार्य किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को अक्टूबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा की पहुंच को और विस्तारित करते हुए अतिरिक्त 2.5 लाख परिवारों को भी इस पहल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कृषि क्षेत्र में भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 2,560 कृषि फीडरों के सौर्यीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को किफायती एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में लगभग 2,000 से 2,200 कृषि फीडरों का सौर्यीकरण पहले ही किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि बंगाल वाणिज्य एवं उद्योग मंडल द्वारा नई दिल्ली स्थित ले मेरिडियन में आयोजित इस सम्मेलन का विषय “बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में आत्मनिर्भर भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा” रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी