छतों से खेतों तक सूरज से बनेगी बिजली, 5 करोड़ की परियोजना पर काम तेज
भागलपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)।
अब सूरज की रोशनी सिर्फ खेतों और घरों को रोशन नहीं करेगी, बल्कि बिजली उत्पादन के मामले में भागलपुर की तस्वीर बदलने जा रही है।
जिला सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी एक नई पहचान बनाने की तैयारी में पूरी मजबूती से जुट गया है। भागलपुर के खरीक में 5 करोड़ की लागत से 2.4 मेगावाट (2400 किलोवाट) क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जहाँ सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से शुरू हो चुका है। इसके अलावा जिले की बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सात से आठ अन्य सौर ऊर्जा परियोजनाएं भी प्रस्तावित हैं।
घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा अपनाने में भागलपुर जिले ने पूरे राज्य में एक उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है। घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के मामले में भागलपुर बिहार में चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक 1470 घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। यानी बड़े बिजलीघरों से लेकर आम लोगों के घरों तक, सौर ऊर्जा अब जिले की बिजली व्यवस्था में बदलाव का नया आधार बन रही है।
खरीक में यह प्लांट प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान 'सी' योजना के तहत स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना पर एक निजी कंपनी करीब 5 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। परियोजना के तहत उत्पादित बिजली को सरकार द्वारा 3 रुपया प्रति यूनिट की दर से खरीदने की योजना है, जिससे सौर ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ निजी निवेश को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। उत्पादन के निर्धारित मानक के अनुसार, प्रति किलोवाट प्रतिमाह 120 यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। इस हिसाब से खरीक के इस 2.4 मेगावाट क्षमता वाले प्लांट से हर महीने लगभग 2.88 लाख यूनिट बिजली पैदा हो सकती है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन धूप की उपलब्धता, मौसम और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। भागलपुर में नई परियोजनाओं की तैयारी तो जारी है, लेकिन यहाँ जमीन की अधिक कीमत और बड़े भूखंडों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस कारण यहाँ बड़े सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित करना आसान नहीं है। इसके बावजूद विभाग और निजी कंपनियां लगातार प्रयासरत हैं और 7 से 8 अन्य सौर ऊर्जा इकाइयां पाइपलाइन में हैं।
इंजीनियर संजय कुमार बरियो, उप महाप्रबंधक सह विद्युत अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति क्षेत्र, भागलपुर का कहना है कि भागलपुर अभी बड़े सोलर प्लांट के मामले में विस्तार के दौर से गुजर रहा है। जिले में प्रस्तावित 7 से 8 नई सौर ऊर्जा परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था को वैकल्पिक ऊर्जा का एक बेहद मजबूत सहारा मिलेगा। इससे आने वाले समय में लो-वोल्टेज और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की समस्या से भी बड़ी राहत मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर