10 जून से बिहार में अंतर्राज्यीय लघु खनिज परिवहन के लिए ई-ट्रांजिट पास अनिवार्य
किशनगंज, 07 जून (हि.स.)। बिहार में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने तथा परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खान एवं भूतत्व विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
विभाग के निर्देशानुसार 10 जून से अन्य राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले लघु खनिज परिवहन वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, नेपाल सीमा क्षेत्र सहित अन्य राज्यों से बालू, गिट्टी, पत्थर, मोरंग एवं अन्य लघु खनिज लेकर बिहार आने वाले सभी वाहनों का आईएसटीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। विभाग ने इसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है और वाहन मालिकों तथा ट्रांसपोर्टरों से समय रहते रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, पंजीकरण के बाद वाहन मालिक या ट्रांसपोर्टर को मोबाइल नंबर पर लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन कर ट्रांजिट पास के लिए आवेदन किया जा सकेगा। खनिज के स्रोत स्थल से परिवहन चालान जारी होने के छह घंटे के भीतर ट्रांजिट पास प्राप्त करना अनिवार्य होगा। विभाग ने ट्रांजिट पास शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। यदि परिवहन चालान में खनिज की मात्रा वजन के आधार पर अंकित होगी तो 60 रुपये प्रति टन तथा आयतन के आधार पर अंकित होने पर 85 रुपये प्रति घनमीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा। शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा।
ट्रांजिट पास की वैधता संबंधित खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप होगी। परिवहन के दौरान वाहन चालक के पास आईएसटीपी के साथ-साथ संबंधित राज्य से जारी वैध खनिज परिवहन चालान रखना अनिवार्य होगा। जांच के दौरान इनमें से कोई भी दस्तावेज नहीं मिलने पर बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 एवं संशोधित नियमावली 2026 के तहत जुर्माना सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पोर्टल पर वाहन संख्या, वाहन स्वामी का नाम, चेसिस नंबर तथा इंजन नंबर दर्ज कर सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद खनिज का नाम, मात्रा, स्रोत स्थल, गंतव्य और परिवहन चालान संबंधी विवरण भरकर ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा। सफल भुगतान के लगभग 30 सेकंड बाद ट्रांजिट पास स्वतः जारी हो जाएगा, जिसे डाउनलोड कर उसकी हार्ड कॉपी वाहन में रखना आवश्यक होगा। खनिज विकास पदाधिकारी सुनीता कुमारी ने सभी वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों एवं खनिज कारोबारियों से नई व्यवस्था का समय पर पालन करने की अपील की है, ताकि परिवहन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा अथवा दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह