छपरा में बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन में लगाई आग, हिंसा और पथराव में 35 गिरफ्तार

 










सारण, 25 जुलाई (हि.स.)। नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद का छपरा में आज असर देखने को मिला। सुबह 10 बजे के बाद प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।प्रदर्शनकारियों ने शहर के पश्चिमी छोर श्याम चक से लेकर सांढा ओवरब्रिज के बीच स्थित सभी प्रमुख चौक-चौराहों को पूरी तरह जाम कर दिया।सुरक्षा कारणों से साहेबगंज, गुदरी, हथुआ मार्केट और डाक बंगला रोड की दुकानें तथा थोक मंडियां पूरी तरह बंद रहीं। इस दौरान ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों को छोड़ सभी बड़े वाहनों का परिचालन लगभग ठप रहा।

प्रदर्शन की शुरुआत में जिला प्रशासन ने आयोजकों से वार्ता कर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की थी, जिस पर आयोजकों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। प्रशासन के बार-बार समझाने के बावजूद भीड़ में मौजूद असमाजिक तत्व हो-हल्ला करते रहे। इसी बीच उपद्रवियों ने थाना चौक के पास अचानक पथराव शुरू कर दिया और नगर पालिका चौक की ओर से आ रही पुलिस की एक गाड़ी पर बिना किसी उकसावे के हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा और गली-मोहल्लों में छिपे असामाजिक तत्वों को तितर-बितर कर माहौल को शांत कराया। मामले की पुष्टि करते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि उपद्रव और पथराव की पूरी घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है। अब तक 30 से 35 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात कर गश्त बढ़ा दी गई है। उन्होंने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। साथ ही अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदर्शन में अधिकांश युवा और बच्चे शामिल थे। यदि वे ऐसी गैर-कानूनी व हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं तो उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है, इसलिए माता-पिता अपने बच्चों को समझाकर घर लौटने के लिए कहें।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार