सूखे नशे की चपेट में युवा पीढ़ी, तेजी से बर्बाद हो रहा भविष्य
सुपौल, 26 मार्च (हि.स.)। इन दिनों क्षेत्र में सूखे नशे का चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। खासकर किशोर और युवा वर्ग इस नशे की गिरफ्त में आकर अपने जीवन को बर्बादी की ओर धकेल रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगहों पर चोरी-छिपे नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है, जिसके कारण युवाओं तक इसकी पहुंच आसान हो गई है।
सूखे नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाले नशीले पदार्थों का सेवन करने से युवाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। कई युवा पढ़ाई-लिखाई छोड़कर नशे की लत में पड़ते जा रहे हैं, जिससे परिवारों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में समाज के लिए यह बड़ी समस्या बन सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में हो रही नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि परिवार, समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से ही इस बढ़ती समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र