जोगबनी-कटिहार रेलखंड की उपेक्षा से सदस्य आक्रोशित,डीआरयूसीसी सदस्य ने नाराजगी भरा पत्र लिखा
अररिया 24 मार्च(हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगने वाले प्रमुख रेलखंड कटिहार जोगबनी में यात्री सुविधाओं में व्यापक सुधार और पूर्व में ध्यानाकर्षण के बावजूद सुधार नहीं होने पर डीआरयूसीसी सदस्य बछराज राखेचा एनएफ रेलवे महाप्रबंधक और कटिहार डीआरएम को नाराजगी भरा पत्र लिखा है।
रेलवे की टालमटोल एवं ढुलमुल नीति से आक्रोशित एवं खिन्न होकर उन्होंने एनएफ रेलवे के महाप्रबंधक एवं मंडल रेल प्रबंधक से मांग पत्र के माध्यम से जोगबनी से कोलकाता के बीच चल रही त्रि साप्ताहिक ट्रेन को प्रतिदिन करने,जोगबनी - इरोड साप्ताहिक ट्रेन को त्रि साप्ताहिक करने,कटिहार से सुबह 8 बजे जोगबनी के लिए एक यात्री ट्रेन जो वापसी में जोगबनी से कटिहार के लिए 12 बजे अपराह्न खुलने,जोगबनी से सिलीगुड़ी के लिए वाया अररिया ठाकुरगंज पैसेंजर ट्रेन,कटिहार- अमृतसर स्पेशल ट्रेन को नियमित करने,जोगबनी से बनारस और मुंबई के लिए नई ट्रेन चलाने,कटिहार- पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस तथा कटिहार-टाटानगर एक्सप्रेस का विस्तार जोगबनी तक किए जाने,जोगबनी कटिहार रेलखंड का दोहरीकरण,फारबिसगंज स्टेशन प्लेटफार्म संख्या 1 की लंबाई का यात्री शेड के साथ विस्तार करने,प्लेटफार्म संख्या 4 का उपयोग यात्री ट्रेनों को चलाने,प्लेटफार्म संख्या एक की मरम्मती तथा रैंप पर रेलिंग लगाने, स्टेशन भवन पर राष्ट्रीय झंडा लगाने,प्लेटफार्म को लिफ्ट अथवा एस्केलेटर से जोड़ने,डेमु रैक को मेमु रैक में बदलने बदलने, फारबिसगंज स्टेशन के प्रवेश द्वार को अतिक्रमण मुक्त कराने, सिमराहा स्टेशन का नाम रेणुग्राम सिमराहा करने,जोगबनी में निर्माणाधीन वाशिंग पिट लाइन का कार्य त्वरित गति से पूरा करने जैसी मांगें पत्र के माध्यम से की गई है।श्री राखेचा ने बताया कि डीआरयूसीसी मीटिंग में भी कई बार मामले को प्रमुखता से उनके द्वारा उठाया गया,लेकिन सकारात्मक जवाब के बावजूद सकारात्मक पहल नहीं की गई।
श्री राखेचा के अलावा इंडो नेपाल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ रेल यूजर्स के सदस्य विनोद सरावगी, लफारबिसगंज सिविल सोसाइटी,नागरिक संघर्ष समिति एवं विभिन्न संगठनों द्वारा भी रेलवे के उच्च अधिकारियों से मांगे उठाई जाती रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर