छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं पर संसद में चर्चा कराए सरकार : रिंकू यादव

 


पूर्णिया, 24 जुलाई (हि.स.)। कांग्रेस नेता जवाहर किशोर उर्फ रिंकू यादव ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा, उनकी शिक्षा और उनके सपने होते हैं। यदि छात्रों को अपनी पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़े, तो यह महज एक आंदोलन नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान छात्रों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के बजाय उनकी आवाज को अनदेखा कर रहे हैं। बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली की खामियां, पेपर लीक, शिक्षा में बढ़ती असमानता तथा युवाओं से जुड़ी अन्य समस्याओं पर केंद्र सरकार अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।

रिंकू यादव ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार ‘छात्र संवाद’ के माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों और युवाओं की समस्याएं सुन रहे हैं। वह उनकी आवाज संसद तक पहुंचाने के साथ सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि छात्रों के मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा कर ठोस और समयबद्ध समाधान निकाला जाए। लोकतंत्र में संवाद ही समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है, लेकिन केंद्र सरकार छात्रों की बात सुनने के बजाय उससे बचने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि देश का भविष्य कक्षाओं में बनता है, सड़कों पर नहीं। इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों के साथ सम्मानजनक संवाद करे, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए, परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करे तथा युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी का ‘छात्र संवाद’ केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं को समझने और उन्हें न्याय दिलाने का अभियान है। कांग्रेस हमेशा छात्रों, युवाओं और शिक्षा के अधिकार के साथ खड़ी रही है तथा आगे भी उनके हितों की आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नंदकिशोर सिंह