आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाली पर डीएम सख्त, एक सप्ताह में सुधार का अल्टीमेटम
किशनगंज, 24 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को आईसीडीएस की समीक्षात्मक बैठक में उन्होंने भवन निर्माण, शौचालय, पेयजल, बिजली कनेक्शन, पोषण निगरानी और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। लापरवाही दूर करने के लिए संबंधित विभागों को एक सप्ताह की समयसीमा निर्धारित करते हुए कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन एवं मरम्मत वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय, पेयजल और बिजली कनेक्शन से संबंधित कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा करने को कहा। जिन केंद्रों की बिजली आपूर्ति बंद है, वहां विद्युत विभाग को संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से सूची लेकर एक सप्ताह में आपूर्ति बहाल करने का निर्देश दिया गया। किराये के मकानों में चल रहे केंद्रों को नजदीकी विद्यालयों में स्थानांतरित करने की संभावना पर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई।बहादुरगंज, पोठिया और टेढ़ागाछ परियोजनाओं की स्थिति कमजोर रहने पर संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह में आवेदन पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया में शत-प्रतिशत प्रगति हासिल करने का निर्देश दिया। गौर करे कि जिले के 274 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्क्रमित करने के कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने एक माह के भीतर सभी संबंधित कार्य पूरे कराने को कहा।
डीएम ने अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने पर विशेष जोर दिया। पिछले महीने आईसीडीएस के माध्यम से मात्र 19 बच्चों को एनआरसी भेजे जाने पर उन्होंने चिंता जताई और अभिभावकों को निरंतर परामर्श देकर बच्चों के पोषण स्तर में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में डीपीओ बंदना पांडेय, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह