जनगणना 2027 कार्य में प्रगति की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
पटना, 13 मई (हि.स.)। जनगणना 2027 में प्रगति की समीक्षा प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा की गई। उन्होंने अद्यतन स्थिति का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को निर्धारित दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन करते हुए कार्य करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि जनगणना का पहला चरण चल रहा है। इसमें मकान सूचीकरण एवं आवासों की गणना की जा रही है। यह 2 मई, 2026 से प्रारंभ हुआ है जो 31 मई, 2026 तक चलेगा।
जिलाधिकारी ने सभी चार्ज अधिकारियों को मकान सूचीकरण एवं आवासों की गणना (एचएलओ) का कार्य त्रुटिहीन ढंग से करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना हमारे समृद्ध लोकतंत्र को आधार प्रदान करती है। इसके आंकड़े देश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक नागरिक जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लें। प्रगणक घर-घर जाकर 33 प्रश्नों के अंतर्गत जानकारी प्राप्त करेंगे। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत आपकी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। आप प्रगणक को पूरा सहयोग करें एवं सही जानकारी उपलब्ध कराएँ।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत चार्जों में जनगणना कार्यों में प्रगति का नियमित अनुश्रवण करने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने प्रखंडों के वरीय नोडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों को प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के साथ नियमित तौर पर बैठक कर कार्यों में तेजी लाने का निदेश दिया। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले चार्ज अधिकारियों को चेतावनी देते हुए स्थिति में तुरत सुधार लाने का निदेश दिया अन्यथा उनके विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रधान जनगणना अधिकारी-सह-जिलाधिकारी ने कहा कि यह जनगणना विशिष्ट एवं उल्लेखनीय है क्योंकि यह पहली ऐसी जनगणना है जिसमें जनगणना आँकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों, माध्यमों से किया जा रहा है। प्रगणकों द्वारा विशिष्ट मोबाईल एप्लिकेशन का प्रयोग करते हुए परिवारों से आँकड़ों का संग्रहण स्वयं के स्मार्टफोन पर किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि पटना जिला में जनगणना कार्य के सुलभ एवं सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु 13-सदस्यीय जिला-स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (डीएलसीसीसी) क्रियाशील है। साथ ही कार्यों के त्वरित गति से निष्पादन हेतु जिला जनगणना कोषांग भी सक्रिय है। पदाधिकारियों को भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार एवं बिहार सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी नागरिक द्वारा सहायता एवं किसी भी संदेह या धोखाधड़ी की सूचना के लिए टॉल-फ्री नम्बर 1855 पर सूचना दी जा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त