जिलाधिकारी ने दिए बंद नल-जल योजनाओं को एक सप्ताह में चालू करने के निर्देश
सारण, 30 मार्च (हि.स.)। ग्रीष्म ऋतु की आहट के साथ ही सारण जिला प्रशासन ने जिले में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सोमवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित साप्ताहिक समन्वय बैठक में पेयजल संकट से निपटने और विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में एक भी चापाकल खराब नहीं रहना चाहिए। नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर खराब चापाकलों की सूची तैयार कर ली गई है। इसके लिए पंचायतवार मरम्मती रोस्टर भी बनाया गया है।
पीएचईडी के मरम्मती दल को इसी रोस्टर के अनुसार युद्धस्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया गया है। जिन प्रखंडों ने अब तक रोस्टर उपलब्ध नहीं कराया है, उन्हें अविलंब ऐसा करने की चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न तकनीकी कारणों से बंद या बाधित सभी नल-जल योजनाओं की आवश्यक मरम्मती कराकर उन्हें एक सप्ताह के भीतर क्रियाशील बनाना सुनिश्चित करें। साथ ही, जिन वार्डों में कुछ घरों तक पाइपलाइन का विस्तार नहीं हो सका है, उनकी समेकित सूची तैयार कर विभागीय प्रावधानों के अनुसार प्रस्ताव भेजने को कहा गया है ताकि शत-प्रतिशत आच्छादन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में अपर समाहर्त्ता, नगर आयुक्त और जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी एसडीओ, बीडीओ और अंचलाधिकारी जुड़े रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार