डीएम ने किया खनुआ नाला और शहर के ड्रेनेज सिस्टम का स्थलीय निरीक्षण
सारण, 04 फ़रवरी (हि.स.)। शहर को जलजमाव की स्थायी समस्या से निजात दिलाने और ड्रेनेज सिस्टम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने प्रशासनिक अमले के साथ शहर के विभिन्न जल निकासी केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने खनुआ नाला सहित शहर के सभी छोटे-बड़े नालों और उनके आउटलेट्स की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल निकासी के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने उप समाहर्ता भूमि सुधार सदर और अंचलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि साढ़ा ढाला ओवरब्रिज के नीचे से जटही पोखरा, दूधिया पोखरा होते हुए तेल नदी तक तथा दूधिया पोखरा से बग्घी नाला तक के सभी नालों की मापी सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने नक्शे के अनुरूप सभी नालों की मापी कराकर 15 दिनों के भीतर पिलर या अन्य सामग्री से मार्किंग करने का आदेश दिया है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो सके। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले खनुआ नाला के अधूरे कार्य पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बुडको के वरीय परियोजना अभियंता को सख्त निर्देश दिया कि पटेल छात्रावास से आरडीएस पब्लिक स्कूल तक शेष बचे 200 मीटर खनुआ नाला का निर्माण कार्य एक सप्ताह के अंदर अनिवार्य रूप से प्रारंभ करें। साथ ही, नाले की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के लिए खनुआ नाला से जुड़ने वाले सभी प्राथमिक नालों के जंक्शन पर जाली लगाने और जंक्शन चैंबर बनाने का निर्देश दिया गया, ताकि शहर का प्लास्टिक कचरा मुख्य नाले में प्रवेश न कर सके और जल प्रवाह बाधित न हो। शहर के भविष्य को देखते हुए जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को 'मास्टर ड्रेनेज प्लान' तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग से एक विशेषज्ञ परामर्शी नियुक्त करने हेतु विभाग को तत्काल पत्र भेजने को कहा है। इसके अतिरिक्त पथ प्रमंडल कार्यपालक अभियंता को शहर के सभी क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत हेतु अविलंब प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया।
निदेशक डीआरडीए और बीडीओ सदर को दूधिया पोखरा में'वेस्ट वाटर स्टेबलाइजेशन पॉन्ड स्थापित करने की योजना लेने को कहा गया है। दूधिया पोखरा से तेल नदी तक जल निकासी की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी ने मनरेगा पंचायत समिति और जिला परिषद के माध्यम से छोटी-छोटी योजनाएं लेने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आबादी वाले क्षेत्रों में कवर नाला और शेष हिस्सों में खुला नाला निर्माण की प्रक्रिया अविलंब शुरू की जाए।
इस निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, बुडको की टीम, सहायक अभियंता पथ प्रमंडल, अंचलाधिकारी सदर एवं अमीन सहित कई अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी की इस सक्रियता से शहरवासियों में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार