7.4 प्रतिशत विकास दर रहा तो बढ़ता निवेश और उत्पादों का निर्यात होगा सबसे अहम : डीएम

 


भागलपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। वित्तीय वर्ष 2026 में यदि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.4 प्रतिशत से अधिक रहती है, तो इसके पीछे देश के भीतर बढ़ता निवेश और उत्पादों का निर्यात सबसे अहम भूमिका निभाएगा। यह बातें बिहार के भागलपुर जिले के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शुक्रवार को कही।

भागलपुर में चल रही विकास योजनाओं और निवेश की रफ्तार पर बात करते हुए डीएम ने कहा कि जिले में लगातार बढ़ रही निर्माण गतिविधियां और निजी और सरकारी निवेश आने वाले समय में न सिर्फ क्षेत्रीय विकास को गति देंगी, बल्कि समग्र आर्थिक विकास में भी अहम योगदान देंगी। उन्होंने बताया कि आधारभूत संरचना, सड़क, आवास, उद्योग और शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाई जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों में निरंतर विस्तार होगा।

डीएम का मानना है कि जब जिला स्तर पर विकास मजबूत होता है, तो उसका सीधा असर राज्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। भागलपुर में निवेश के अनुकूल माहौल बनने से छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिल रहा है। इससे न केवल उत्पादन क्षमता में इजाफा होगा, बल्कि निर्यात को भी नई दिशा मिलेगी।

डीएम ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भागलपुर आर्थिक गतिविधियों का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि एक डीएम होने के नाते मैं कह सकता हूँ कि भागलपुर में निवेश की गति और निर्माण कार्यों की रफ्तार आने वाले समय में इलाकाई विकास के साथ-साथ इकोनॉमी ग्रोथ का एक बड़ा कारण बनेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर