डीजे विवाद ने लिया हिंसक रूप, पत्थरबाजी में दारोगा समेत आठ घायल
बेतिया, 05 मार्च (हि.स.)। लौरिया नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या दो स्थित पकड़ी नुनीयाटोली गांव में डीजे बजाने को लेकर उपजे विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी और मारपीट की घटना में पुलिस पदाधिकारी समेत कुल आठ लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से एक गंभीर घायल को बेहतर उपचार के लिए बेतिया रेफर कर दिया गया।
घटना के संबंध में घायल दारोगा कमता प्रसाद सिंह ने बताया कि थानाध्यक्ष के निर्देश पर वह गांव में डीजे बजने की सूचना की जांच करने पहुंचे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव में डीजे बजाया जा रहा है, जिसके सत्यापन के लिए टीम मौके पर पहुंची। हालांकि जांच के दौरान गांव में डीजे नहीं मिला लेकिन पता चला कि पहले से ही दो समूहों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी बीच अचानक दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसमें दारोगा कमता प्रसाद सिंह तथा डायल 112 के पुलिसकर्मी अमिताभ कुमार समेत कई लोग घायल हो गए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच देसी शराब के अवैध कारोबार और पुलिस कार्रवाई को लेकर पूर्व से ही तनाव बना हुआ था। होली के दिन यही विवाद बढ़कर मारपीट में तब्दील हो गया। बताया जाता है कि दोनों पक्षों के कुछ लोग पूर्व में शराब तस्करी के मामलों में जेल भी जा चुके हैं और हाल ही में जमानत पर बाहर आए हैं।
इस घटना में उमेश चौधरी (40), रौशन कुमार (18), रविंद्र चौधरी (30), संगीता चौधरी (31), रिंकू कुमार (16) और रुक्मिणी देवी (35) घायल हुए हैं। इनमें उमेश चौधरी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेतिया रेफर किया गया है।
थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा ने गुरुवार को बताया कि दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त होने के बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।इधर, बेलवा लखनपुर पंचायत के जिरीया गांव में भी पुराने विवाद को लेकर बुधवार की शाम दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई, जिसमें दीपक सिंह, महेश सिंह, छठीया देवी और बादल कुमार घायल हो गए। इनमें दीपक सिंह को गंभीर स्थिति में बेहतर इलाज के लिए बेतिया रेफर किया गया है। पुलिस ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / अमानुल हक