जनता दरबार में जिलाधिकारी ने 61 फरियादियों की सुनी गई समस्याएं

 






सारण, 06 मार्च (हि.स.)। आम जनमानस की शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से समाहरणालय में आज आयोजित जनता के दरबार में जिलाधिकारी कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने 61 लोगों की व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याओं को विस्तार से सुना। जनता दरबार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े मामलों की प्रधानता रही। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।

डोरीगंज थाना क्षेत्र के एक जमीन विवाद मामले में, जहाँ विपक्षी द्वारा अवैध रूप से भूमि जोतने की शिकायत मिली थी, जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी सदर एवं थाना प्रभारी को संयुक्त रूप से स्थल जांच कर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने को कहा। सदर प्रखंड के एक मामले में, जहाँ पशु शेड निर्माण के लिए मटेरियल की राशि बकाया थी, जिलाधिकारी ने इस मामले को लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत दर्ज कर सुनवाई करने का निर्देश दिया।

मढ़ौरा के एक आवेदक की गलत बिजली बिल की समस्या पर कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति पश्चिम को मामले की जांच कर अविलंब सुधार करने का निर्देश दिया गया। एकमा के एक मामले में अंचल स्तर से मापी न होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने डीसीएलआर सदर को अनुभवी अमीन की प्रतिनियुक्ति कर मापी सुनिश्चित कराने का आदेश दिया। डबल डेकर परियोजना के तहत भू-अर्जन मुआवजे को बिना कारण लारा कोर्ट भेजने के मामले पर जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को फाइल की पुनः जांच करने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्वामित्व को लेकर कोई विवाद नहीं है, तो तत्काल मुआवजे का भुगतान किया जाए। कचहरी सचिव के लंबित मानदेय के मामले में जिलाधिकारी ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को फोन पर ही अविलंब भुगतान सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अन्य आवेदनों के संदर्भ में भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समस्याओं का निराकरण केवल कागजों पर न करें, बल्कि धरातल पर उसका असर दिखना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार