ठाकुरगंज सीएचसी में विवाद, जांच टीम पहुंची-कर्मियों को कार्रवाई का इंतजार
किशनगंज, 01 अप्रैल (हि.स.)। जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी )में उस समय हड़कंप मच गया, जब दर्जनों महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान पर गंभीर आरोप लगाए। महिला स्वास्थ्य कर्मियों (एएनएम और सीएचओ) ने मानसिक उत्पीड़न, आर्थिक शोषण, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी विशाल राज को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
कर्मचारियों का आरोप है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा नियमित रूप से मानसिक दबाव बनाया जाता है तथा विभिन्न कार्यों के नाम पर अनुचित आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की जाती है। महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता है, जिससे कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इससे नाराज कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। कुछ कर्मियों ने आत्मदाह तक की धमकी देते हुए स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की एक जांच टीम ठाकुरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच टीम ने संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों एवं अधिकारियों से बातचीत कर तथ्यों की जानकारी ली। हालांकि अभी तक डॉ. अखलाकुर रहमान के विरुद्ध कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कर्मियों में नाराजगी बनी हुई है।
जांच टीम के अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंप दी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। इधर पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आगे भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। फिलहाल सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह