आसपास की स्वच्छता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी : डीईओ
सुपौल, 04 अक्टूबर (हि.स.)। स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखना हम सभी का दायित्व है।
स्वच्छ वातावरण के निर्माण में शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक अपने विद्यालयों के साथ-साथ समाज में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में अहम योगदान दे सकते हैं। ये बातें जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संग्राम सिंह ने रविवार को स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत आयोजित स्वच्छता सह जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कहीं।
डीईओ संग्राम सिंह के नेतृत्व में शिक्षा विभाग की ओर से रविवार की सुबह शहर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में शिक्षा विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मियों के साथ विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, स्काउट एवं एनसीसी कैडेटों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिला शिक्षा विभाग कार्यालय परिसर से अभियान की शुरुआत की गई। इसके बाद सभी ने सड़क के दोनों किनारों एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई करते हुए गांधी मैदान तक स्वच्छता अभियान चलाया।
इस दौरान डीईओ ने कहा कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का उद्देश्य केवल साफ-सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्वच्छता को शामिल करना है। शिक्षक समाज के महत्वपूर्ण मार्गदर्शक हैं। इसलिए शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों और आम लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे पर्व-त्योहार हैं। ऐसे में बाजार, पूजा स्थलों, सार्वजनिक स्थानों और जलाशयों के आसपास विशेष साफ-सफाई बनाए रखने की आवश्यकता है।जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें अपने घर और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानाध्यापकों से कहा कि शिक्षक, छात्र और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास से स्वच्छता अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जाए। इससे बच्चों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा। उन्होंने आम लोगों से भी सुपौल शहर और जिले को साफ-सुथरा बनाए रखने की अपील की। डीईओ ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकना, कूड़े का उचित निस्तारण करना और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। सामूहिक प्रयास से ही स्वच्छ और आदर्श सुपौल का निर्माण संभव है। स्वच्छता अभियान में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता, सरस्वती विद्या निकेतन सुपौल के प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय कुमार, हजारी उच्च माध्यमिक विद्यालय गौरवगढ़ के प्रधानाध्यापक रामचन्द्र यादव, चकला निर्मली उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक जनार्दन मंडल, बीबी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक गोपाल चौधरी, स्काउट एवं गाइड के जिला संगठन आयुक्त संजय झा, विजेंद्र विमल सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, स्काउट एवं एनसीसी कैडेट तथा शिक्षा विभाग के कर्मी मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र