25 जुलाई की फायरिंग पर डीआईजी ने की जांच, घटनास्थलों पर पहुंचकर जुटाये साक्ष्य

 


सीवान, 11 अगस्त (हि.स.)। प्रदर्शन के दौरान 25 जुलाई को हुई फायरिंग और पुलिस कार्रवाई को लेकर मंगलवार को सारण डीआईजी नीलेश कुमार ने सीवान शहर में घटनास्थलों का निरीक्षण कर जांच को आगे बढ़ाया।

डीआईजी ने गोपालगंज मोड़, जेपी चौक, बबुनिया मोड़ और अस्पताल मोड़ पहुंचकर मौके की स्थिति को बारीकी से समझा और वहां मौजूद स्थानीय लोगों से घटना के संबंध में जानकारी ली। उनके साथ जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय भी मौजूद रहे।

डीआईजी ने घटनास्थलों पर मौजूद लोगों से 25 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान की स्थिति, प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों और फायरिंग से जुड़े घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि घटना के दौरान मौके पर वास्तव में क्या हुआ था और किस स्थान पर स्थिति तनावपूर्ण हुई थी। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने संबंधित पुलिस पदाधिकारियों से भी 25 जुलाई की कार्रवाई को लेकर जानकारी ली। उन्होंने मौके पर पुलिस बल की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और तनावपूर्ण स्थिति के दौरान पुलिस की ओर से की गयी कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की। अधिकारियों ने घटनाक्रम और उस समय तैनात पुलिस बल से संबंधित जानकारी डीआईजी को उपलब्ध करायी।

बताया जाता है कि 25 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान जेपी चौक सहित शहर के कई हिस्सों में स्थिति तनावपूर्ण हो गयी थी। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर फायरिंग और लाठीचार्ज करने के आरोप लगाये गये थे। घटना के बाद से ही पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं और छात्र संगठनों तथा राजनीतिक संगठनों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

मंगलवार को डीआईजी के घटनास्थल पर पहुंचने से जांच को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गयी। उन्होंने सिर्फ अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से सीधे जानकारी ली। डीआईजी और डीएम ने घटनास्थलों की स्थिति का जायजा लेने के साथ संबंधित अधिकारियों से घटना के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी हासिल की।

अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी। 25 जुलाई की फायरिंग और पुलिस कार्रवाई को लेकर डीआईजी का घटनास्थलों का निरीक्षण प्रशासन की ओर से मामले की गंभीरता से जांच किये जाने का संकेत माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma