आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर लोकतंत्र सेनानी नागराज नखत सम्मानित
किशनगंज, 25 जून (हि.स.)। देश में आपातकाल लागू होने के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुरुवार को ठाकुरगंज स्थित जैन एग्रो फार्म्स एंड नर्सरी (ड्रैगन फ्रूट फार्म) में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जेपी आंदोलन के सेनानी एवं लोकतंत्र रक्षक नागराज नखत को सम्मानित किया गया।
कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंगवस्त्र ओढ़ाकर लोकतंत्र की रक्षा में दिए गए उनके योगदान और संघर्ष के प्रति सम्मान प्रकट किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताते हुए कहा कि उस दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए थे और हजारों लोकतंत्र समर्थकों को बिना मुकदमे के जेलों में बंद कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि नागराज नखत जैसे लोकतंत्र सेनानियों ने कठिन परिस्थितियों में भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, जिसे देश सदैव याद रखेगा। सम्मान समारोह के दौरान नागराज नखत ने आपातकाल के दिनों की स्मृतियां साझा कीं।
उन्होंने बताया कि 25 जून 1975 को आपातकाल लागू होने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय स्वयंसेवक होने के कारण पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। इसी क्रम में ठाकुरगंज थाना कांड संख्या-3, दिनांक 4 अगस्त 1975 दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी 1976 को उन्हें पौआखाली एलआरपी चौक से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स (डीआईआर) के तहत बिना किसी मुकदमे के उन्हें निरुद्ध कर दिया गया। लगभग दस माह तक उन्हें किशनगंज, पूर्णिया, भागलपुर और हजारीबाग की विभिन्न जेलों में रखा गया। अंततः 4 नवंबर 1976 को भागलपुर केंद्रीय कारा से उनकी रिहाई हुई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नागराज नखत का संघर्ष, साहस और त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए व्यक्तिगत हितों की परवाह किए बिना संघर्ष किया। ऐसे लोकतंत्र सेनानियों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने नागराज नखत के योगदान को नमन करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा एवं संवैधानिक आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह