माता सीता महिला विवि की स्थापना सीतामढ़ी में करने की मांग
पटना, 24 सितंबर (हि.स.)। माता सीता के नाम पर पटना में प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय की घोषणा के बाद बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है और उन्होंने राज्य सरकार के द्वारा प्रस्तावित इस महिला विश्वविद्यालय को सीतामढ़ी में खोले जाने की मांग रख दी है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने राज्य सरकार से मांग रखी है कि सीतामढ़ी मां जानकी की जन्मभूमि है और सीतामढ़ी में एक भी विश्वविद्यालय नहीं है।
जब बिहार विशिष्ट विवि अधिनियम 2026 के तहत दो नए विश्वविद्यालय खोलने की अनुशंसा राज्य सरकार कर रही है तो पटना के बजाय सीतामढ़ी में मां सीता महिला विवि को स्थापित किया जाएं। इससे क्षेत्र के विकास के साथ साथ बी आर आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर पर भी दबाव कम होगा और शैक्षणिक गतिविधियां ससमय संचालित होंगी। साथ ही उन्होंने सीतामढ़ी शिवहर सहित उत्तर बिहार के चंपारण के जिलों को सीतामढ़ी से सीधा जुड़ाव रहेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मां सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी का तेजी से विकास संभव हो सकेगा। साथ ही सीतामढ़ी शिवहर सहित चंपारण के छात्राओं को मुजफ्फरपुर जाने से छुटकारा मिलेगा।
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय पर पहले से बहुत ज्यादा कॉलेजेज का भार है और ऐसे में उसके भी सुचारू क्रियान्वयन में सुविधा आएगी। साथ ही बिहार के लिए प्रथम महिला विश्वविद्यालय की स्थापना सीतामढ़ी में हो तो यह मां जानकी के स्थली को पर्यटन के साथ बौद्धिक विकास में भी तेजी मिलेगी।
इस पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करें क्योंकि पटना में पहले से कई विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। शैक्षणिक विकास की अलख दूर तक जगाने में सीतामढ़ी में यदि मां सीता महिला विवि की स्थापना होती है तो बेहतर परिणाम सामने आयेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त