मैथिली ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में तारडीह के राजकीय डिग्री महाविद्यालय का उद्घाटन
दरभंगा, 15 जुलाई (हि.स.)।
जिले के तारडीह और अलीनगर प्रखंड बिहार सरकार की पहल पर आयोजित उद्घाटन सह दीक्षारंभ कार्यक्रम-2026 के तहत बुधवार को तारडीह प्रखंड के राजकीय डिग्री महाविद्यालय का शुभारंभ प्लस टू पीएम श्री एसी उच्च विद्यालय, कुर्सो मछैता परिसर में गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर से ऑनलाइन माध्यम से राज्य के नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों का उद्घाटन एवं दीक्षारंभ किया। मुख्यमंत्री के संबोधन और उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण समारोह स्थल पर बड़ी स्क्रीन के माध्यम से उपस्थित लोगों ने देखा।
कुर्सो मछैता स्थित स्थानीय समारोह में अलीनगर की विधायक एवं विश्व प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने विधि-विधान के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन सह दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन के उपरांत राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सुबह से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। जिला प्रशासन की ओर से डीसीएलआर अविनाश कुमार तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार सुबह लगभग 10 बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा अतिथियों के स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई थी।
समारोह के दौरान विधायक मैथिली ठाकुर ने विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. प्रभात रंजन कर्ण को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान एवं कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सम्मानित किया। वहीं डीसीएलआर अविनाश कुमार ने कुर्सो मछैता पंचायत के पूर्व मुखिया उपेन्द्र झा को सम्मानित कर उनके सामाजिक योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर उगन यादव, पंकज झा, मुक्ति नारायण चौधरी, सत्येन्द्र चौधरी, नदियामी के डीएनए झा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, ग्रामीण, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने इसे तारडीह प्रखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए सरकार के इस कदम का स्वागत किया।
राजकीय डिग्री महाविद्यालय की शुरुआत से अब तारडीह एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्नातक शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra