नवादा शिक्षा विभाग में वेतन फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय जांच, दो कर्मियों पर प्राथमिकी के आदेश
नवादा, 14 अक्टूबर (हि.स.)। शिक्षा विभाग में वेतन भुगतान में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद बुधवार को नवादा में उच्चस्तरीय जांच की गई।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पहुंची जांच टीम ने वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेखों की गहन पड़ताल की। जांच के बाद वेतन भुगतान प्रक्रिया से जुड़े दो कर्मियों चेकर सतीश कुमार और मेकर रविन्द्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। मामले में कार्रवाई के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, जिले में शिक्षकों के वेतन भुगतान में अनियमितता की शिकायत सामने आई थी। प्रारंभिक जानकारी में 69 शिक्षकों को निर्धारित राशि से अधिक वेतन भुगतान किए जाने की बात कही गई थी। इसी मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर जांच टीम गठित कर नवादा भेजी गई। टीम ने संबंधित कार्यालय में पहुंचकर वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों, अभिलेखों और भुगतान प्रक्रिया की जांच की।
जांच के दौरान क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक संजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे। जांच टीम ने भुगतान प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर संबंधित कर्मियों की भूमिका की पड़ताल की। इसके बाद चेकर सतीश कुमार और मेकर रविन्द्र कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।
वेतन फर्जीवाड़े के इस मामले में जांच के निष्कर्ष को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। जहां शुरुआती जानकारी में 69 शिक्षकों को अधिक राशि भुगतान किए जाने की बात कही जा रही है, वहीं कार्यालय सूत्रों का दावा है कि जांच में केवल एक शिक्षक को निर्धारित राशि से अधिक भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। ऐसे में वास्तविक स्थिति को लेकर अभी संशय बना हुआ है।
विभाग की ओर से जांच रिपोर्ट और कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने शिक्षकों के वेतन भुगतान में अनियमितता हुई है और इसमें किन लोगों की भूमिका पाई गई है।
फिलहाल, दो कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन