मेडिकल छात्र रूपेश की मौत पर उबला आक्रोश, छात्रों ने बंद कराई जेएलएनएमसीएच की ओपीडी; मरीजों की बढ़ी परेशानी

 




भागलपुर, 07 नवंबर (हि.स.)।

जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के मेधावी छात्र रूपेश सोनी की सड़क हादसे में हुई दुखद मौत के बाद उपजा आक्रोश शनिवार को और उग्र हो गया।

न्याय और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलित मेडिकल छात्रों ने शनिवार को अस्पताल की बाहरी रोगी विभाग सेवा को पूरी तरह ठप करा दिया।

शनिवार सुबह सामान्य दिनों की तरह ओपीडी में इलाज के लिए पंजीयन का काम चल रहा था और काउंटरों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं। इसी दौरान बड़ी संख्या में आक्रोशित एमबीबीएस छात्र वहां पहुंचे और नारेबाजी करते हुए पंजीयन काउंटरों को बंद करा दिया।

अचानक ओपीडी सेवा बाधित होने से भागलपुर समेत आसपास के जिलों से इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।

उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के गांधीनगर निवासी छात्र रूपेश सोनी गुरुवार देर रात करीब एक बजे कॉलेज के स्थापना दिवस समारोह के बाद अपनी स्कूटी से तिलकामांझी की ओर जा रहे थे। कटहलबाड़ी के समीप तेज रफ्तार कार ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रूपेश उछलकर दूर जा गिरे और उनके सिर व सीने में गंभीर चोटें आईं।

मायागंज अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुर्घटनाग्रस्त कार को जेएलएनएमसीएच के रेडियोलॉजी विभाग का पीजी छात्र डॉ. गौरव एस चला रहा था। जांच में उसके शराब के नशे में (40 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल) होने की पुष्टि हुई। आरोप है कि हादसे के बाद उसने घायल रूपेश को सड़क किनारे कर भागने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंची डायल-112 की टीम ने उसे दबोच लिया। ट्रैफिक थाने में केस दर्ज कर आरोपित डॉ. गौरव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। घटना को लेकर कॉलेज के सीनियर (पीजी) और जूनियर (एमबीबीएस) छात्रों के बीच तनाव का माहौल है। आंदोलनरत छात्रों ने मुख्य रूप से हादसे के वक्त कार में सवार अन्य पीजी छात्रों/छात्राओं (जिन्हें पुलिस ने पीआर बांड पर छोड़ा है) को भी गिरफ्तार किया जाए। आरोपित पीजी छात्र डॉ. गौरव सहित चारों छात्रों को तत्काल प्रभाव से कॉलेज से निष्कासित (रस्टीकेट) किया जाए और मृतक छात्र रूपेश सोनी के शोकाकुल परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य डॉ. संदीप लाल और अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचपी दुबे ने आपात बैठक की तथा डीएम अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव से मुलाकात कर हालात की जानकारी दी। प्रशासन के निर्देश पर सदर एसडीएम ने छात्रों से वार्ता कर निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। किसी भी अप्रिय स्थिति या छात्रों के बीच टकराव को रोकने के लिए कॉलेज और हॉस्टल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर