निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर सख्त हुआ प्रशासन, नियम पालन का निर्देश

 

दरभंगा, 09 अप्रैल (हि.स.)। जिले में निजी विद्यालयों द्वारा मनमाने तरीके से शुल्क वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी रौशन कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी निजी विद्यालय बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2019 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि कई विद्यालय प्रवेश शुल्क, ट्यूशन फीस, विकास शुल्क और वार्षिक शुल्क के नाम पर अभिभावकों से अधिक राशि वसूल रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के अनुसार किसी भी विद्यालय को पिछले शैक्षणिक वर्ष की तुलना में अधिकतम 7 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ाने की अनुमति है। इससे अधिक वृद्धि के लिए शुल्क विनियमन समिति से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।

सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां लिए जाने वाले सभी शुल्क का स्पष्ट विवरण स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। साथ ही अभिभावकों को किताब और यूनिफॉर्म किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। ऐसा करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।

अधिनियम के तहत अभिभावक फीस वृद्धि की शिकायत 30 दिनों के भीतर दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों की सुनवाई के लिए शुल्क विनियमन समिति गठित है, जिसकी अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त करते हैं। इसके अलावा विद्यालयों के खातों का नियमित रखरखाव तथा प्रत्येक वित्तीय वर्ष में चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट कराना भी अनिवार्य किया गया है।

नियमों के उल्लंघन पर पहली बार एक लाख रुपये तथा दोबारा उल्लंघन करने पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि जिले के सभी निजी विद्यालयों में इस अधिनियम का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा हो सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Krishna Mohan Mishra