नालंदा जिले में मिड-डे मील खाने के बाद 50 से अधिक बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती
नालंदा, बिहारशरीफ 20 मई (हि.स.)।
नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय कला कैला में बुधवार को मिड-डे मील खाने के बाद पचास से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। कई बच्चे स्कूल परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई और अभिभावकों के बीच दहशत का माहौल बन गया। आनन-फानन में शिक्षकों, ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से सभी बच्चों को नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए चंडी रेफरल अस्पताल भेजा गया, जबकि कई परिजन अपने बच्चों को निजी अस्पतालों में भी इलाज के लिए ले गए।अस्पताल में इलाजरत पांचवीं कक्षा की छात्रा अमृता कुमारी ने बताया कि बुधवार को मध्याह्न भोजन में चावल और चने की सब्जी परोसी गई थी। भोजन करते समय सब्जी में एक संदिग्ध गोली जैसी वस्तु दिखाई दी थी। छात्रा के अनुसार लगभग सभी बच्चों ने वही भोजन किया था, जिसके बाद एक-एक कर बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ बच्चों को तेज चक्कर आने लगे तो कई को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगे।
विद्यालय की कुछ छात्राओं ने बताया कि प्रतिदिन की तरह इस बार बच्चों को भोजन परोसने से पहले शिक्षकों द्वारा भोजन की जांच या स्वाद नहीं लिया गया था। हालांकि बाद में अमरेश सर नामक शिक्षक ने भी वही भोजन किया, जिसके बाद उनकी तबीयत भी खराब हो गई और उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के बाद विद्यालय की भोजन व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी ने बताया कि बच्चों को मिड-डे मील में छोला और चावल दिया गया था। भोजन शुरू होने के कुछ देर बाद ही बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। कई बच्चों को उल्टी-दस्त होने लगे और कुछ बच्चे बेहोश हो गए। स्थिति गंभीर होते देख तुरंत स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई तथा सभी बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया।
उन्होंने बताया कि घटना की लिखित सूचना विभाग के वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है।घटना की जानकारी मिलते ही हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल एवं नालंदा सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह चंडी रेफरल अस्पताल पहुंचे और इलाजरत बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। वहीं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आनंद शंकर तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने भी नगरनौसा और चंडी अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की समीक्षा की।इधर बच्चों द्वारा भोजन में संदिग्ध गोली मिलने की बात सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। भोजन के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। ग्रामीणों ने मिड-डे मील उपलब्ध कराने वाली एकता शक्ति फाउंडेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता की सही तरीके से जांच नहीं किए जाने के कारण बच्चों की जान खतरे में पड़ गई।
अस्पताल में भर्ती बच्चों में अमृता कुमारी, अंकुश कुमार, अनुराधा कुमारी, तमन्ना, निशु मुस्कान, कृति, ऋषि, आरती, सिमरन, खुशी, आदित्य, प्रियांशु, प्रिय, दीपक, प्रीति, डोली, सौरभ, किरण और राधा कुमारी सहित पचास से अधिक बच्चे शामिल हैं। मौके पर बीडीओ ओमप्रकाश कुमार, सीओ सत्येंद्र कुमार, थानाध्यक्ष शशिरंजन कुमार मिश्रा, प्रखंड प्रमुख रंजु कुमारी और बीआरसी एकाउंटेंट आशीष कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे