अररिया-गलगलिया रेलखंड में नवनिर्मित पुल संख्या बीआर 5 में दरार
अररिया 09 सितम्बर(हि.स.)।
कटिहार रेल मंडल के अधीनस्थ महत्वाकांक्षी परियोजना अररिया गलगलिया रेलखंड में बुआरीबाद स्थित रेल पुल संख्या बीआर 5 में दरार आ गई है।जबकि इस रेलखंड के शुरू हुए अभी एक साल ही हुआ।
4 हजार 410 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित रेलखंड पर एक साल पहले स्थानीय सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने अपना ड्रीम प्रोजेक्ट करार देते हुए हरी झंडी दिखाकर रेलखंड पर ट्रेन के परिचालन की शुरुआत की थी।लेकिन महज एक साल में ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ ही रेल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
पुल के पिलर और स्लैब में जहां दरारें आ गई है,वहीं तेज बारिश के कारण एप्रोच पथ रेन कट का शिकार हो गया है।कई स्थानों पर पटरी भी धंस गई है और स्थानीय लोगों के अनुसार,यह कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
अररिया-गलगलिया रेलखंड में अररिया कोर्ट और रहमतनगर स्टेशन के बीच बुआरीबाद में पिलर संख्या बीआर 5 में दरार आ गई है।
अररिया नगर परिषद के वार्ड संख्या 7 के पार्षद श्याम कुमार मंडल ने बताया कि एक साल के दौरान ही जिस तरह पिलर और स्लैब में दरार आई है,वह किसी बड़े हादसों को आमंत्रित कर रही है।कारण इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन हो रहा है।
रेल सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे के अधिकारियों को इस पर तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करना चाहिए और उसे दुरुस्त करने की दिशा में पहल करनी चाहिए।स्थानीय निवासी भूपेन यादव और अमित कुमार झा ने महज कुछ माह में ही पुल में दरार और एप्रोच पथ के रेन कट के शिकार होने पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया और कहा कि रेलखंड में परिचालित ट्रेनों और यात्री सुविधा को लेकर इस पर शीघ्र आवश्यक कदम उठाते हुए मरम्मती का कार्य किया जाना चाहिए।
लोगों का कहना है कि छह महीना और एक साल हुआ भी नहीं और नवनिर्मित पुल के स्लैब और पिलर में दरारें आ गई,जो भ्रष्टाचार का द्योतक है।स्थानीय लोगों ने बताया कि इस रेलखंड में अभी चंद ट्रेनों का ही परिचालन हो रहा है,लेकिन जिस तरह से इस रेलखंड पर राजधानी सहित अन्य तेज एक्सप्रेस ट्रेनों की मांग की जा रही है,अगर जल्द दुरुस्त नहीं किया गया तो लंबी दूरी की फास्ट पैसेंजर ट्रेन चलना तो दूर वर्तमान के ट्रेनों के परिचालन पर भी इसका व्यापक असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने बताया कि न केवल पुल के पिलर और स्लैब में दरारे आई है,बल्कि एप्रोच पथ और अगल बगल का हिस्सा भी रेन कट का शिकार हो गया है।मिट्टी धंसने के कारण कई स्थानों पर पटरी भी हल्की धंस गई है, जो हादसे को आमंत्रित कर रही है।
स्थानीय लोगों ने रेलवे के अधिकारियों के साथ सांसद और विधायक से इस पर सकारात्मक पहल करने की मांग के साथ रेल सुरक्षा को लेकर रेलखंड की मॉनिटरिंग की वकालत की है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर