भाकपा (माले) का जिला सम्मेलन सम्पन्न, रामचन्द्र दास चुने गए सचिव

 


भागलपुर, 05 अप्रैल (हि.स.)। बुलडोजर राज के खिलाफ भूमि अधिकार, सम्मानजनक रोजगार और शिक्षा – स्वास्थ्य के लिए जुझारु आन्दोलन खड़ा करने के आह्वान के साथ रविवार को भाकपा (माले) का प्रथम बांका जिला सम्मेलन सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत हंसुआ - हथौड़ा निशान वाला लाल झंडा फहराते हुए शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित करने एवं दो मिनट का सामूहिक मौन रखकर वाम – जनवादी आंदोलन के शहीदों – दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने से हुई। सम्मेलन का उदघाटन भाकपा (माले) के राज्य कमिटी सदस्य एसके शर्मा ने किया।

सम्मेलन का उदघाटन भाकपा (माले) के राज्य कमिटी सदस्य एसके शर्मा ने किया। उन्होंने राज – समाज की वर्तमान स्थित की चर्चा करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली भाजपा – एनडीए के शासन में लोकतंत्र और संविधान पर तीखे हमले हो रहें हैं। गरीब–मजदूर, दलित–पिछड़े और महिलाएं विशेष निशाने पर है। आम नागरिकों के सारे अधिकार छीने जा रहे हैं। लगातार बढ़ती भीषण महंगाई, बेरोजगारी, सरकारी खजाने की भारी लूट, भ्रष्टाचार, हत्या–बलात्कार, साम्प्रदायिक हिंसा-घृणा और राजकीय दमन, इसके शासन की चारित्रिक विशेषता बनी हुई है।

सम्मेलन के मुख्य मुख्य वक्ता, पार्टी के केंद्रीय कमिटी सदस्य संतोष सहर ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह सरकार देश की सुरक्षा, सम्मान और जनता के लिए खतरा है। इन्होंने साम्राज्यवादी हितों के सामने घुटने टेक दिए हैं। शिक्षा–स्वास्थ्य तो दूर, इनके सामान्य नागरिक होने के अधिकार तक को खतरे में डाल दिया गया हैं। इनके सम्मान को चोट पहुंचा कर सरकारें इन्हें लाभार्थी के स्तर तक गिरा देने और सिर्फ वोट के लिए उपयोगी भीड़ बना देने पर उतारु है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन को कब्जाया जा रहा है। लैंड बैंक बनाकर जमीन हड़पने के इस पूरे खेल में पूरी सरकार, पूरी व्यवस्था, न्याय तंत्र से लेकर शासन–प्रशासन में ऊंचे पदों पर काबिज सामंती ताकतें सभी शामिल हैं। गरीब–मजदूर, दलित–पिछड़े बर्बर हमले का सामना कर रहे हैं।

सम्मेलन की अध्यक्षता रणवीर कुशवाहा, रीता देवी, रेणु कुमारी, मकबूल अंसारी और बिशेश्वर दास वाली पांच सदस्यीय अध्यक्षमंडल ने की। संचालन सर्वजीत कुमार रॉकी व शशिशेखर कुमार ने की। प्रतिनिधि सत्र में जिला लीडिंग के संयोजक रामचन्द्र दास ने काम – काज की मुद्रित रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट पर बहस में महादेव दास, गुड़िया देवी, हीरा दास, राजेंद्र यादव, अनुज दास, सोहम दास, संगीता देवी, शूकर दास, गुड़िया देवी, सोहिल दास आदि प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और सदन के समक्ष महत्वपूर्ण सलाह – सुझाव रखा। संयोजक द्वारा सलाह–सुझाव को स्वीकार किए जाने के बाद उपस्थित प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इसके बाद नए जिला कमिटी का चुनाव सम्पन्न कराया गया।

सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय जिला कमिटी का चुनाव किया, जिसमें रामचन्द्र दास, रणवीर कुशवाहा, रीता देवी, रेणु कुमारी, विशेश्वर दास, विशेश्वर पंडित, वीरबल राय, गुड़िया देवी, महादेव दास, मेहीलाल लैया और संगीता देवी शामिल हैं। नव निर्वाचित जिला कमिटी की हुई संक्षिप्त बैठक में रामचन्द्र दास को सर्वसम्मति से बांका जिला का सचिव चुना गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर