शहीदों की धरती बिंदुसार से गूंजा संघर्ष का स्वर, माले सम्मेलन का आगाज़

 






सीवान, 31 मार्च (हि.स.)।हेडिंग:

सीवान शहर से सटे बिंदुसार में मंगलवार को का. चंद्रशेखर और का. श्याम नारायण यादव के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा, स्मृति स्थल अनावरण और युद्ध-विरोधी शांति मार्च का आयोजन किया गया। इसी के साथ माले का 13वां सीवान जिला सम्मेलन भी शुरू हुआ, जिसमें वक्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा करते हुए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत दोनों शहीद नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। इसके बाद बिंदुसार में का. चंद्रशेखर के स्मृति स्थल का अनावरण पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेंद्र झा, जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा और छात्र नेता सबा आफरीन ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, छात्र-युवा और जनसंगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके बाद बिंदुसार से चंद्रशेखर गोलंबर तक युद्ध-विरोधी शांति मार्च निकाला गया। मार्च में सैकड़ों लोगों ने भाग लेते हुए “युद्ध नहीं, शांति चाहिए” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाए। प्रतिभागियों ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों पर खतरे को लेकर चिंता जताई।

खुले सत्र में अदिति मिश्रा ने कहा कि दुनिया आज युद्ध, आर्थिक संकट और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, ऐसे में शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण और बजट कटौती पर भी चिंता जताई। सबा आफरीन ने शहीदों की विरासत को याद करते हुए छात्र-युवाओं से संघर्ष तेज करने की अपील की।

मुख्य वक्ता धीरेंद्र झा ने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों पर खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कॉरपोरेट हितों के दबाव में काम कर रही है और बिहार में राजनीतिक संतुलन को तोड़ने की कोशिश हो रही है।

पूर्व विधायक सत्यदेव राम और अन्य वक्ताओं ने भी महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्या और गरीबों के विस्थापन जैसे मुद्दों को उठाया। सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने शहीदों के आदर्शों पर चलने और सामाजिक न्याय आधारित समाज के निर्माण के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma