पोक्सो मामले में दोषी को आजीवन कारावास

 


किशनगंज, 25 मई (हि.स.)। अनन्य विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम दीप चंद पाण्डेय की अदालत ने सोमवार को पोक्सो अधिनियम से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने बहादुरगंज प्रखंड के कोईमारी निवासी तौहीद आलम को नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म का दोषी पाते हुए यह फैसला सुनाया।

जानकारी के अनुसार, महिला थाना कांड संख्या-45/2022 एवं पोक्सो वाद संख्या-02/2023 के तहत आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था। मामले की सुनवाई अनन्य विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

अदालत ने पोक्सो अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत आरोपी को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई।इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सश्रम कारावास की सजा दी गई है। न्यायालय ने आरोपी पर एक लाख पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी।

मामले में विशेष लोक अभियोजक मनीष कुमार साह ने सजा के बिंदु पर अदालत में जोरदार पक्ष रखा। उन्होंने अपराध की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कठोर सजा की मांग की। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए फैसला सुनाया।

न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया है कि पीड़िता को पुनर्वास एवं सहायता के लिए आठ लाख रुपये मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। अदालत के इस फैसले को महिला एवं बाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। फैसले के बाद न्यायालय परिसर में मामले को लेकर चर्चा का माहौल रहा। लोगों ने अदालत के निर्णय को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह