ईओ रणधीर लाल का भ्रष्टाचार से पुराना नाता,साहेबगंज ही नहीं मनिहारी में भी दर्ज है भ्रष्टाचार का केस
अररिया 12 जुलाई(हि.स.)।
मुजफ्फरपुर के साहेबगंज नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी और वर्तमान में फारबिसगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी का भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता से पुराना नाता रहा है। न केवल मुजफ्फरपुर के साहेबगंज नगर परिषद में वित्तीय अनियमितता को लेकर इस पर केस दर्ज नहीं है,बल्कि मनिहारी नगर पंचायत में भी कार्यपालक पदाधिकारी रहते हुए वित्तीय अनियमितताओं,संगठित भ्रष्टाचार एवं प्रशासनिक कदाचार के गंभीर आरोपों में केस दर्ज है।
दोनों स्थानों पर जिला प्रशासन के द्वारा गठित टीम के द्वारा कराए गए जांच में वित्तीय गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले सही पाए गए हैं।साहेबगंज थाना में जहां तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी रणधीर लाल के खिलाफ कांड संख्या 344/2026 दिनांक 28.04.2026 बीएनएस की धारा 316(5),318(4) के तहत मामला दर्ज है।वहीं कटिहार के मनिहारी थाना में कांड संख्या 131/2026 दिनांक 28.04.2026 बीएनएस की धारा 316(3),316(5),318(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज है।
मनिहारी थाना में दर्ज कांड में कार्यपालक पदाधिकारी समेत मुख्य पार्षद,उप मुख्य पार्षद,तीन सशक्त स्थायी समिति सदस्यों के साथ कनीय अभियंता पर वित्तीय लेनदेन,योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी,बंदोबस्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी एवं प्रशासनिक कार्यवाहियों में अनियमितताओं के गंभीर आरोप दर्ज हैं।दोनों नगर निकाय में गड़बड़ी को लेकर जिला प्रशासन के द्वारा टीम का गठन कर जांच कराई गई और जांच में काफी गड़बड़ी पाई गई।जिसके बाद कार्रवाई के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग को जिला प्रशासन के द्वारा लिखा गया और उसके बाद नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्र के आलोक में कांड दर्ज किया गया।
फारबिसगंज नगर परिषद में वर्तमान में पदस्थापित रणधीर लाल चर्चा में शनिवार को तब आया,जब मुजफ्फरपुर के साहेबगंज की थाना पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी को लेकर फारबिसगंज थाना पुलिस के साथ उसके आवास और नगर परिषद कार्यालय में दबिश दी।हालांकि कार्यपालक पदाधिकारी गिरफ्तारी की भनक लग गई थी और कहा जाता है कि शुक्रवार को ही दिन के तीन बजे उन्होंने अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर फारबिसगंज छोड़ दिया था।दरअसल कार्यपालक पदाधिकारी रणधीर लाल मुजफ्फरपुर न्यायलय में एडीजे 16 कोर्ट में अग्रिम जमानत को लेकर याचिका दायर किया था और कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते वित्तीय अनियमितता की गंभीर मामला मानते हुए उनके याचिका को नामंजूर कर दिया था।जिसके बाद साहेबगंज थाना पुलिस उनको गिरफ्तार के लिए फारबिसगंज पहुंची थी।साहेबगंज थाना में दर्ज कांड में उनके ऊपर ईओ के पद पर रहते हुए पदस्थापन अवधि में नियम के विरुद्ध सामग्रियों के क्रय करने,विभागीय निर्देशों का उल्लंघन करने और वित्तीय अनियमितता का आरोप है।
कार्यपालक पदाधिकारी रंधीर लाल पर साहेबगंज नगर परिषद में पदस्थापित रहते हुए जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद की गई 3000 स्ट्रीट लाइट,एक रिफ्यूज कॉम्पेक्टर,सात एवं 20 हाई मास्ट लाइटिंग टावर सहित सीसीटीवी की खरीददारी में भारी अनियमितता बरते जाने का आरोप है।
मनिहारी थाना में दर्ज कांड में वित्तीय लेनदेन,योजनाओं के क्रियान्वयन,बंदोबस्ती प्रक्रिया एवं प्रशासनिक कार्यवाहियों में गंभीर अनियमितता के आरोप के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर अवैध रूप से दर्जनों पक्के दुकानों के निर्माण कर स्थायी रूप से अतिक्रमण करने,योजनाओं के क्रियान्वयन नियम के विरुद्ध संदिग्ध रूप से पार्ट पेमेंट करने,बस स्टैंड बंदोबस्ती में वित्तीय अनियमितता एवं राजस्व क्षति,सरकारी योजनाओं में प्रक्रिया के विरुद्ध व्यय एवं वित्तीय कदाचार और सरकारी पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध लाभ अर्जित करने जैसे संगीन आरोप लगे हैं।
बहरहाल कार्यपालक पदाधिकारी गायब हैं और साहेबगंज पुलिस उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए फारबिसगंज समेत पटना में भी छापेमारी की है,लेकिन पुलिस पकड़ में अब तक नहीं आए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर