ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का करें अनुपालन: भागलपुर पुलिस
भागलपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। भागलपुर के वरीय पूली अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय से शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पटना उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के प्रभावी अनुपालन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।
उक्त निर्देशों के आलोक में आम नागरिकों से अपील है कि वे विवाह समारोह, सार्वजनिक आयोजन, धार्मिक एवं अन्य कार्यक्रमों में ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे एवं म्यूजिक सिस्टम का उपयोग निर्धारित मानकों एवं समय-सीमा के अनुरूप ही करें।
भागलपुर पुलिस द्वारा न्यायालय के निर्देशों एवं प्रचलित विधिक प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। रात्रि में निर्धारित समय-9:55 बजे से लेकर सुबह 6:00 बजे तक डीजे और लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं करें। विवाह समारोहों, पार्टियों एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों में डीजे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं म्यूजिक सिस्टम का उपयोग निर्धारित समय-सीमा के बाद नहीं किया जाए। ध्वनि की तीव्रता निर्धारित सीमा 70-45 डेसीबल में रखें।
दिन के समय भी लाउडस्पीकर, डीजे एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर रखना अनिवार्य है। मैरिज हॉल एवं डीजे संचालक नियमों का पालन करें। मैरिज हॉल, बैंक्वेट हॉल एवं डीजे संचालकों को संबंधित प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप आवश्यक पंजीकरण एवं अभिलेख संधारण सुनिश्चित करना अस्पताल एवं शैक्षणिक संस्थानों के आसपास ध्वनि प्रदूषण से बचें। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य निर्धारित जगहों के आसपास हॉर्न, डीजे एवं लाउडस्पीकर का अनावश्यक अथवा तेज आवाज में प्रयोग नहीं किया जाए।
प्रेशर हॉर्न का प्रयोग प्रतिबंधित है। वाहनों में निर्धारित मानकों के विपरीत प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करने तथा अनावश्यक रूप से तेज हॉर्न बजाने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की धारा-190 (2) के तहत एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर विधिसम्मत कार्रवाई। निर्धारित समय, ध्वनि सीमा एवं अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों, डीजे संचालकों, वाहन चालकों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि विवाह एवं अन्य समारोहों में उत्सव मनाते समय ध्वनि प्रदूषण के कारण बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को होने वाली असुविधा का विशेष ध्यान रखें।
ध्वनि प्रदूषण केवल असुविधा का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य एवं शांतिपूर्ण सामाजिक वातावरण से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। अतः सभी नागरिक प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग करें तथा ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित नियमों का स्वेच्छा से पालन सुनिश्चित करें।
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर