पश्चिम चंपारण पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बाढ़ से निपटने के निर्देश

 


बेतिया, 30 सितंबर (हि.स.) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार 12:02 बजे हेलीकॉप्टर से पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित बथना गांव में पीएम श्री राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में बने नवनिर्मित हेलीपैड पर पहुंचे। उनके आगमन से पहले मुख्य सचिव, डीजीपी, सांसद डॉ. संजय जायसवाल, सांसद सुनील कुमार, विधायक विनय बिहारी समेत कई वरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जिले में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों और राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ आश्रय केंद्र की तैयारियों का भी जायजा लिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों के साथ बांध और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लिए बाढ़ प्रभावित परिवारों की भी लगातार निगरानी की जाए। जरूरत के अनुसार उन्हें सूखा राशन उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री मच्छरगांवा होते हुए बनकटवा और शिवराजपुर के प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे। एसडीआरएफ की नाव से उन्होंने बाढ़ की स्थिति देखी और लोगों की समस्याएं जानीं। बाद में बथना स्थित बाढ़ आश्रय केंद्र में पहुंचकर पीड़ितों से संवाद किया और राहत सामग्री वितरित की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंडक का जलस्तर पिछले रिकॉर्ड से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। करीब 9.5 लाख क्यूसेक पानी एक साथ छोड़े जाने से स्थिति गंभीर हुई। उन्होंने कहा कि गंडक और कोसी नदी के तटबंधों के पक्कीकरण के लिए सर्वे चल रहा है। सर्वे के आधार पर तटबंधों को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बगहा का ब्रिज पूरा हो चुका है, जबकि फुलियाखांड़ में पानी का बहाव तेज है। पानी घटते ही काम शुरू कर अगले पांच दिनों में क्षतिग्रस्त हिस्से को बंद करने का लक्ष्य है। बाढ़ से फसल क्षति का विस्तृत आकलन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों तक भोजन, सूखा राशन और आर्थिक सहायता पहुंचाने में कमी नहीं होने दी जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अमानुल हक