छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए भी अलग ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा : मुख्यमंत्री
पटना, 09 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के छात्र-छात्राओं और युवाओं को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग पोर्टल के माध्यम से काम किया जा रहा है, उसी तर्ज पर अब छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए भी अलग ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर रविवार को पोस्ट कर लिखा कि छात्रों की समस्याओं को केवल ऑनलाइन दर्ज करके छोड़ नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनके समाधान की समयसीमा तय की जाएगी। यदि किसी छात्र की समस्या पोर्टल पर दर्ज होने के बाद 30 दिनों के भीतर हल नहीं होती है तो मुख्यमंत्री स्तर पर अलग से सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा।
पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार व्यवस्था को लीकेज प्रूफ बनाने के लिए काम कर रही है और पेपर लीक करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई और सजा की व्यवस्था की गई है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि जल्द ही राज्य के सभी मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे स्कूल और कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं से बातचीत करें। केवल मंत्री और अधिकारी ही नहीं, बल्कि विधायक और सांसदों को भी युवाओं के बीच जाकर उनकी समस्याएं और सुझाव सुनने के लिए कहा जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पोर्टल पर दर्ज किसी समस्या का 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होता है, तो मामला मुख्यमंत्री स्तर पर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए महीने में एक बार अलग से मुख्यमंत्री स्तर पर सहयोग शिविर चलाया जाएगा। इस शिविर में उन समस्याओं को देखा जा सकता है जिनका समाधान तय समयसीमा के भीतर नहीं हो पाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी बिहार की संस्कृति, सभ्यता और गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाएगी। बिहार में बोली जाने वाली भाषाओं और उनके गौरवशाली इतिहास को भी आगे बढ़ाने की जरूरत है। सरकार इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए युवाओं के लिए काम करेगी।
छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री ने पेपर लीक को लेकर भी बेहद सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य परीक्षा व्यवस्था को लीकेज प्रूफ बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ अब सख्त कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि गुंडा एक्ट के तहत पेपर लीक करने वालों को सजा दिलाने की व्यवस्था की गई है और ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी