भागलपुर में मुख्यमंत्री का पुतला दहन, जमुई की घटना पर भड़की महिला कांग्रेस
भागलपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। जमुई में एक नाबालिग छात्रा के साथ अपराधियों द्वारा की गई बर्बरता के विरोध में मंगलवार को जिला महिला कांग्रेस और कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं ने भागलपुर समाहरणालय के मुख्य द्वार पर जमकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना कड़ा प्रतिरोध दर्ज कराया। यह विरोध प्रदर्शन पूर्व विधायक अजीत शर्मा के निवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय से एक जुलूस की शक्ल में शुरू हुआ, जो कचहरी चौक पहुंचकर पुतला दहन के साथ संपन्न हुआ।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जमुई की घटना ने न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश को शर्मसार किया है। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देने वाली इस तथाकथित डबल इंजन सरकार में अब नाबालिग छात्राएं भी सुरक्षित नहीं हैं। सरेराह हुई इस घटना ने साबित कर दिया है कि बिहार की सत्ता ऐसे हाथों में है जो बेटियों की हिफाजत करने में पूरी तरह अक्षम है। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन सत्ता की दासी बन चुका है और सत्ता पर काबिज लोगों का अपराधियों से वास्ता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को 10 हजार रुपये का प्रलोभन देकर सत्ता में आई यह सरकार सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तरह फेल रही है। वक्ताओं ने मांग की कि यदि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी में थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और महिलाओं के सामने इस कृत्य के लिए प्रायश्चित करना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि डॉ. अभय आनंद, सोइन अंसारी, जिला महिला कांग्रेस की समन्वयक ज्योति देवी, मीनाक्षी रॉयल, पूजा पांडेय, नूरी खानम, खुशबू देवी सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर