सुपौल में निजी स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण पर सख्ती, 30 दिन में निबंधन नहीं कराया तो होगी कार्रवाई

 


सुपौल, 10 जून (हि.स.)। जिले में संचालित निजी स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है।

सदर अस्पताल में आयोजित बैठक में बताया गया कि बिहार लघु एवं मध्यम स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान (स्थापन एवं पंजीकरण) विनियम, 2026 के तहत एक से 40 बेड तक के सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक और डे-केयर सेंटर का पंजीकरण अनिवार्य है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी संबंधित संस्थानों को 30 दिनों के भीतर जिला पंजीकरण प्राधिकरण के समक्ष आवश्यक दस्तावेजों के साथ निबंधन कराना होगा। समय सीमा समाप्त होने के बाद विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा और बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मरीजों को सुरक्षित व मानक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। विभाग ने सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों से निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए कहा कि प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र