मध्य विद्यालय पोठिया में 5 दिन से बंद मध्यान भोजन, बच्चों ने डीएम से लगाई गुहार
पूर्णिया, 24 फ़रवरी (हि.स.)।
अमौर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय पोठिया में पिछले पांच दिनों से मध्याह्न भोजन (एमडीएम) बंद रहने के कारण बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भोजन योजना ठप होने से विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
गर्मी के मौसम में भूखे पेट पढ़ाई करने को मजबूर छात्र-छात्राओं ने लाइन में खड़े होकर “डीएम अंकल” से मध्यान भोजन पुनः शुरू कराने की गुहार लगाई। बच्चों ने कहा कि स्कूल में भोजन बंद होने से उन्हें काफी कठिनाई हो रही है। खासकर रमजान के समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि कई घरों में दिन के समय भोजन नहीं बनता। ऐसे में विद्यालय का मध्यान भोजन ही उनके लिए सहारा होता है।
विद्यालय में अध्ययनरत सगूफी परवीन (वर्ग 7), आरती कुमारी (वर्ग 8), नाजिया परवीन (वर्ग 7), मोहम्मद अमानुल्लाह (वर्ग 5), अंजूम आरा (वर्ग 3) और रिया कुमारी (वर्ग 5) सहित अन्य बच्चों ने बताया कि एमडीएम बंद रहने से उन्हें भूखे पेट पढ़ाई करनी पड़ रही है। बच्चों ने जिला प्रशासन से अविलंब भोजन व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक हुमायूं अख्तर ने बताया कि विद्यालय के सचिव का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और अब तक नए सचिव का गठन नहीं हो सका है। सचिव के अभाव में वेंडर को भुगतान हेतु वाउचर उपलब्ध नहीं कराया जा सका, जिसके कारण वेंडर ने खाद्यान्न की आपूर्ति बंद कर दी है। इसी वजह से पिछले पांच दिनों से मध्यान भोजन योजना बंद है।
विद्यालय में कुल 412 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। सोमवार को 235 बच्चों की उपस्थिति थी, जो मंगलवार को घटकर मात्र 152 रह गई। वरीय शिक्षक मोहम्मद सरफराज अहमद ने बताया कि एमडीएम बंद होने से बच्चों की उपस्थिति में काफी कमी आई है और इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेंद्र राम ने बताया कि प्रधानाध्यापक द्वारा सूचना मिली है। बुधवार को विद्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं पोषक क्षेत्र के निवासियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कर लिया जाएगा, ताकि बच्चों को जल्द ही मध्यान भोजन का लाभ मिल सके।
स्थानीय अभिभावकों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि मध्यान भोजन योजना बच्चों की शिक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो इससे बच्चों की पढ़ाई और उपस्थिति दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / नंदकिशोर सिंह