छठ महापर्व को लेकर एक्शन मोड में कटिहार प्रशासन: सुगम होंगे पहुंच पथ, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा और नियमित मॉनिटरिंग का फरमान

 




कटिहार, 30 अक्टूबर (हि.स.)। लोक आस्था के महापर्व छठ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए जिले के सभी छठ घाटों पर व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं, साफ-सफाई, सुरक्षा और चाक-चौबंद विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि महापर्व के दौरान घाटों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

साफ-सफाई, प्रकाश और पहुंच पथों को सुगम बनाने पर जोर

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि छठ घाटों और उनके आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। घाटों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों की मरम्मत व सफाई कराई जाए ताकि नंगे पांव चलने वाले छठ व्रतियों को कोई परेशानी न हो। इसके साथ ही शाम और सुबह के अर्घ्य के समय पर्याप्त प्रकाश (लाइटिंग) की व्यवस्था, सुगम आवागमन और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं हर घाट पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया है।

गहरे पानी की पहचान कर होगी बैरिकेडिंग, लगेंगे चेतावनी संकेत

जलीय सुरक्षा को लेकर डीएम ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी व तालाबों में संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए खतरनाक एवं अत्यधिक गहरे स्थानों को पहले से चिह्नित किया जाए। ऐसे सभी संवेदनशील स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, लाल झंडे और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही स्थानीय गोताखोरों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि श्रद्धालु केवल सुरक्षित दायरे में ही जल में उतरकर पूजा-अर्चना करें।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था रहेगी मुस्तैद

घाटों पर जुटने वाली भीड़ के व्यवस्थित प्रबंधन पर जोर देते हुए डीएम ने महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को हर परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया।

आपसी समन्वय से काम करने की हिदायत

डीएम आशुतोष द्विवेदी ने सभी लाइन विभागों, स्थानीय निकाय एवं पंचायत स्तर के जन प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी नियमित रूप से घाटों का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

हिन्दुस्थान समाचार / विनोद सिंह