शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और गमगीन माहौल में संपन्न हुआ चेहल्लुम
भागलपुर, 04 अगस्त (हि.स.)। भागलपुर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में मंगलवार को चेहल्लुम का पर्व अत्यंत शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और गमगीन माहौल में संपन्न हुआ।
इमाम हुसैन की शहादत के 40वें दिन मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। चेहल्लुम के मौके पर शिया समुदाय द्वारा विशेष मजलिसों का आयोजन किया गया, जिसमें कर्बला के शहीदों के बलिदान को याद कर लोग रो पड़े। इसके बाद पारंपरिक अलम के जुलूस निकाले गए। जुलूस में शामिल अकीदतमंद 'या हुसैन' का नारा लगाते हुए और छाती पीटकर मातम मनाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
भागलपुर में चेहल्लुम का मुख्य आकर्षण यहाँ का विशाल मेला और जुलूस रहा। बरारी स्थित शिया समुदाय के कर्बला मैदान में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ लोगों ने अकीदत के फूल पेश किए। वहीं नया बाजार से सुबह शिया समुदाय का मुख्य अलम जुलूस निकला, जो कोतवाली और तातारपुर होते हुए मुस्लिम स्कूल चौक पहुंचा। दूसरी ओर से आसनंदपुर छोटी का जुलूस भी वहां आकर मिला, जिसके बाद दोनों जुलूसों का मिलन कराकर उन्हें शाहजंगी ले जाया गया। विभिन्न मोहल्लों से पारंपरिक हथियारों और लाठियों के साथ अखाड़े के जुलूस निकले, जो तय रूटों से होते हुए सराय किला घाट पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
प्रशासन की मुस्तैदी और शांति समिति का सहयोगपर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद यादव के निर्देश पर सभी संवेदनशील चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। केंद्रीय मुहर्रम कमेटी और स्थानीय शांति समिति के सदस्यों ने लगातार घूम-घूमकर असामाजिक तत्वों पर नजर रखी और शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को बनाए रखा। अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी पुलिस की विशेष साइबर सेल नजर रख रही थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर