मौसम का बदलता मिजाज बच्चों के लिए खतरा, निमोनिया पर सतर्कता जरूरी

 


किशनगंज, 01 अप्रैल (हि.स.)। बदलते मौसम, तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंडी हवाओं के कारण बच्चों में निमोनिया का खतरा बढ़ गया है।

विशेषकर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए यह स्थिति अधिक चिंताजनक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि निमोनिया सामान्य सर्दी-खांसी से शुरू होकर धीरे-धीरे फेफड़ों को संक्रमित कर देता है और समय पर उपचार नहीं मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकता है।

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि निमोनिया के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे को लगातार खांसी, बुखार, सांस लेने में कठिनाई या छाती से घरघराहट की आवाज आए तो इसे सामान्य सर्दी-खांसी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। निमोनिया में फेफड़ों में कफ जम जाता है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है और स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में अभिभावकों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिससे संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। साथ ही बच्चे धूल, मिट्टी और प्रदूषण के संपर्क में अधिक आते हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

डॉ. चौधरी ने कहा कि जहां एक वयस्क एक मिनट में 12 से 18 बार सांस लेता है, वहीं छोटे बच्चे 20 से 30 बार सांस लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि नियमित टीकाकरण निमोनिया से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बच्चों को पेंटावैलेंट और न्यूमोकोकल सहित कई महत्वपूर्ण टीके निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं, जो निमोनिया से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

अभिभावकों को बच्चों का टीकाकरण समय पर पूरा कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि निमोनिया से बचाव के लिए बच्चों को धूल, धुएं और प्रदूषण से दूर रखना चाहिए। घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, बच्चों को संतुलित आहार दें और छोटे शिशुओं को नियमित स्तनपान कराएं। साथ ही हाथ धोने की आदत डालना और खांसते-छींकते समय मुंह ढंकना भी संक्रमण से बचाव में सहायक है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बदलते मौसम में बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहें। समय पर पहचान, उपचार और टीकाकरण से निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह