बिस्कोमान केंद्र पर खाद वितरण में अनियमितता का आरोप, गोदाम बंद मिलने से किसानों का हंगामा
सुपौल, 19 जुलाई (हि.स.)। खरीफ मौसम में खाद की बढ़ती मांग के बीच त्रिवेणीगंज स्थित बिस्कोमान केंद्र पर खाद वितरण में अनियमितता के आरोपों को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई।
धान की रोपनी के दौरान बड़ी संख्या में किसान डीएपी, मिक्सचर और पोटाश खाद लेने केंद्र पहुंचे, लेकिन कार्यालय और गोदाम बंद मिलने से उन्हें बिना खाद लिए लौटना पड़ा।
किसानों ने वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी और कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।किसानों का कहना है कि बिस्कोमान केंद्र के गोदाम में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने के बावजूद उसका वितरण नहीं किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर निजी दुकानों पर वही खाद अधिक कीमत पर आसानी से मिल रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है और बिचौलियों के कारण जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।धान की रोपनी के महत्वपूर्ण समय में खाद नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
उनका कहना है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों ने कहा कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
शिकायत मिलने पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी नितीश कुमार ने बिस्कोमान केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय और गोदाम दोनों बंद पाए गए। उन्होंने बताया कि औरलाहा निवासी सुमन कुमार, रंजीत कुमार, दिनेश कुमार तथा नगर परिषद क्षेत्र के बभनगामा सहित कई किसानों ने लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पत्रांक-186 के तहत केंद्र प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जांच के दौरान कृषि समन्वयक सुनील कुमार भी मौजूद थे।किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही प्रतिदिन उपलब्ध खाद के स्टॉक और वितरण का विवरण सूचना पट्ट पर सार्वजनिक करने की भी मांग की है, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
खाद लेने पहुंचे किसानों में बीबीलाल सरदार, मनीषा देवी, रीता देवी, नागेश्वर मेहता, अंशु कुमार, पारो देवी, बीबी शाहिद, डोमी यादव, सदानंद राम, सुंदर साह, तरुण यादव, कलर सरदार सहित सैकड़ों किसान शामिल थे।
किसानों को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और खरीफ सीजन में उन्हें समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र