सड़क हादसे में घायलों का 1.50 लाख रूपये तक हाेगा कैशलेस इलाज

 


किशनगंज, 28 अक्टूबर (हि.स.)। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद अब इलाज के खर्च की चिंता में समय गंवाने की जरूरत नहीं है। सड़क हादसों में घायलों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैशलेस उपचार की व्यवस्था की गई है। इसके तहत पात्र घायलों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा मिल सकती है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण इलाज में होने वाली देरी को रोकना और दुर्घटना में घायल लोगों की जान बचाना है।

आयुष्मान भारत कार्यक्रम के जिला समन्वयक पंकज कुमार के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत स्वीकृत उपचार का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अस्पताल को किया जाता है। इससे घायल और उसके परिजनों को तत्काल इलाज के लिए पैसों का इंतजाम करने की परेशानी से राहत मिल सकती है।

जिले में इस योजना के तहत आठ निजी अस्पतालों को चयनित किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज, क्रिब्स हॉस्पिटल, नियाज मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल ठाकुरगंज, रेडियंट मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जेड ए नर्सिंग होम, डॉ. निरंजन चाइल्ड केयर, सेकंड साइट केयर और बीआर नेत्रालय शामिल हैं। दुर्घटना की स्थिति में अस्पताल की वर्तमान पात्रता और योजना के तहत उपलब्ध सुविधा की पुष्टि करना जरूरी है। सड़क दुर्घटना के बाद शुरुआती एक घंटा यानी गोल्डन ऑवर घायल की जान बचाने में निर्णायक हो सकता है।

इस दौरान रक्तस्राव रोकने, सांस संबंधी परेशानी का उपचार करने और गंभीर चोटों की पहचान कर तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराने से जीवन बचने की संभावना बढ़ती है। आपात स्थिति में 112 पर सूचना देकर मदद ली जा सकती है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने दुर्घटना में घायलों की समय पर मदद करने और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की अपील की। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने भी कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण उपचार में देरी नहीं होनी चाहिए। समय पर चिकित्सा सहायता और आम लोगों का सहयोग सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह