रिक्शाडीह अस्थाई बस स्टैंड से रातों रात हटाई गई बसें
भागलपुर, 20 मई (हि.स.)। स्मार्ट सिटी भागलपुर को जाम से निजात दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा 16 दिसंबर 2025 को बाईपास थाना के समीप रिक्शाडीह में अस्थायी बस स्टैंड की शुरुआत की गई थी। बस स्टैंड के संचालन को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा था। जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए यहां लाइटिंग, यात्री शेड, सुलभ शौचालय और टिकट काउंटर जैसी मूलभूत सुविधाओं का निर्माण भी तेजी से कराया जा रहा था। अचानक स्थिति तब बदल गई जब कुछ दबंगों ने दबंगई दिखाते हुए बीते रात सभी बसों को रिक्शाडीह अस्थायी बस स्टैंड से हटाकर फिर से कोयला डिपो बस स्टैंड भेज दिया। इस घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों और आसपास के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
दुकानदारों ने बताया कि प्रशासन के निर्देश और नए बस स्टैंड की व्यवस्था को देखते हुए उन्होंने कर्ज लेकर अपनी दुकानें खोली थीं, लेकिन बसों के हट जाने से उनका रोजगार प्रभावित हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि दबंग लोगों की मनमानी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग जिला प्रशासन के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए जबरन बसों को कोयला डिपो ले गए। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन की व्यवस्था को इसी तरह चुनौती दी जाती रही तो शहर को जाम से राहत दिलाने की योजना पर असर पड़ सकता है। अब सभी की नजरें जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी पर टिकी है कि प्रशासन ऐसे दबंग और मनबढ़ू लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर